गीता में 18 अध्याय हैं और GST काउंसिल की भी 18 बैठक हुई- पीएम मोदी

नई दिल्ली:  GST लॉन्चिंग कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा आज के बाद अब देश एक नई व्यवस्था की तरफ चलेगा। देश के सवा सौ करोड़ लोग इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बने हैं। उन्होंने कहा जो व्यवस्था हमने विकसित किया है उसमें किसी एक दल या एक सरकार की सिद्धि नहीं है। ये हम सब के साझे प्रयासों का परिणाम है। सेंट्रल हॉल के इस जगह ने कई महापुरुषों के पद चिन्हों से खुद को पवित्र किया है।

9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई। आज वर्षों बाद एक नई अर्थव्यवस्था के लिए GST के रुप में इस पवित्र स्थान से बढ़कर कोई और स्थान नहीं रह सकता है इस काम के लिए। संविधान को तैयार के लिए 2 साल 11 महीने और 17 दिन तक मंथन चला था। उसी तरह ये GST भी लंबी प्रिक्रिया का परिणाम है। देश के सबसे अच्छे विद्वानों ने इस GST पर काम किया है। GST सभी राज्यों के मोतियों को एक धागे में पिरोने का प्रयास है। जिन जिन लोगों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया मैं उन सभी को बधाई देता हूं। गीता के भी 18 अध्याय हैं और GST काउंसिल की भी 18 बैठकें हुई। GST टीम इंडिया की शक्ति और सामर्थ्य का परिणाम है।

पीएम ने कहा चाणक्य ने कहा है कोई वस्तु कितनी ही दूर क्यों न हो उसका मिलना कितना ही कठिन क्यो न हो कठिन परिश्रम से उसे प्राप्त किया जा सकता है। आज वो पूरा हुआ है। जिस तरह सरदार पटेल ने अलग अलग राज्यों को मिलाकर देश का राजनीतिक एकीकरण का काम किया था आज उसी तरह से आर्थिक एकीकरण का काम हो रहा है। अब गंगानगर से लेकर ईटानगर तक लेह से लेकर लक्षद्वीप तक वन नेशन वन टैक्स ये सपना अब साकार होकर रहेगा।

अलबर्ट आइंसटाइन ने कहा था दुनिया में सबसे मुश्किल इनकम टैक्स समझना है। आज अगर वो यहां होते तो पता नहीं इतने टैक्स को देखकर क्या कहते।

GST एक आधुनिक टैक्सेसन सिस्टम है। अब व्यापारियों को अफसरों की वजह से होनेवाली परेशानी खत्म होगी। GST से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा। इस पूरी व्यवस्था में छोटे व्यापारियों यानि 20 लाख रुपये तक का व्यावार करनेवालों को पूरी तरह से छूट दे दी गई है। देश के गरीबों के हित के लिए ये व्यवस्था सबसे ज्यादा सार्थक होनेवाला है। अब कच्चा-पक्का बिल वाली बात खत्म हो जाएगी।

विदेशों से भी निवेश करने आने वालों को भी आसानी होगी। पिछड़े राज्यों को विकास करने में दिक्कत  है। संसाधन होते हुए भी वहां विकास नहीं हो पाता है। लेकिन अब GST के बाद हिंदुस्तान के सभी राज्यों को तरक्की के समान अवसर मिलेंगे। GST में पहली बार केंद्र और राज्य के लोग एक साथ मिलकर काम करने वाले हैं। GST डिजीटल भरत की टैक्स व्यवस्था है। GST केवल टैक्स रिफॉर्म नहीं है बल्कि ये आर्थिक रिफॉर्म भी है। कानून की भाषा में GST गुड्स एंड सर्विस टैक्स के रुप में जाना जाता है। लेकिन इससे जो लाभ मिलने वाले हैं वो हकीकत में ये गुड्स एंड सिंपल टैक्स है।

राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि वो आए हमारा मार्गदर्शन करने के लिए। वो इस सफर के एक अहम सहयात्री रहे हैं। उन्होंने आज यहां आने के लिए वक्त निकाला इसका मैं आभारी हूं।

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