गोड्डा-दुल्हनियां लाने निकले दुल्हे राजा, नोटबंदी ने ATM पहुंचा दिया

गोड्डा/झारखंड: नोटबंदी के बाद से देश लाइन में खड़ा है। कोई एक घंटे से, कोई तीन घंटे से तो कोई घंटों से। लोगों की ये कतार लगी है ATM और बैंक के बाहर। हर किसी की जरुरत अलग है। लेकिन उन जरुरतों को पूरा करने के लिए जो सबसे जरुरी चीज है वो है पैसा। उसी पैसे को हासिल करने के लिए देश लाइन में खड़ा है। क्योंकि शादी या किसी समारोह के लिए जो पैसे घर में जमा कर रखे थे वो बेकार हो गए। नोटबंदी के बाद सारा पैसा बैंक में जमा करवाना पड़ा। अब अपनी उसी मेहनत की कमाई को दोबारा हासिल करने के लिए बैंकों और ATM के बाहर लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

गोड्डा में HDFC बैंक के ATM पर भी अपनी उसी जरुरत को पूरा करने पहुंचे थे दुल्हे राजा। शादी की तारीख पक्की हो चुकी थी, दुल्हे राजा ने अपनी सजनी को वो दिन और समय भी बता दिया था जब वो उसे लेने उसके घर आएंगे। इसी बीच सरकार ने नोटबंदी का एलान कर दिया। 500 और 1000 के नोट जो 8 नवंबर से पहले तक काफी मायने रखते थे 8 नवंबर के बाद बेकार हो गए।

13 दिसंबर को संदीप की शादी थी। घर से गाजे बाजे के साथ अपनी सजनी संग सात फेरे लेने निकले थे संदीप। घर से निकलते वक्त जेब खाली थी। लेकिन पॉकेट में ATM कार्ड था। ये वही एटीएम कार्ड है जिसे आधुनिक काल में इलेक्ट्रॉनिक बटुआ कहा जाता है। इसलिए निकल पड़े ये सोचकर कि रास्ते में जहां ATM दिखाई देगा वहां से करारे नोट निकाल लेंगे। गोड्डा में HDFC का ATM दिखा तो गाड़ी से उतरकर उसी कतार में खड़े हो गए जिसमें महीने भर से ज्यादा वक्त से पूरा देश खड़ा हुआ नजर आ रहा है।

ATM से पैसे निकालने की सीमा तय है। संदीप ने भी उसी सीमा के तहत 2000 रुपये निकाल लिये। सूट की जेब जो अबतक खाली थी उसमें थोड़ी जान आ गई। दुल्हे राजा को भी राहत मिली कि चलो जेब में कुछ नोट पड़े हैं। क्योंकि ससुराल में सालियां जब जूता चुराएंगी तो जरुरी नहीं कि उनके पास स्वाइप मशीन हो। इसलिए सर्दी के दिनों में पैर खाली न रह जाए इसलिए सालियों से अपना जूता दोबारा मांगने के बदले उन्हें देने के लिए कुछ पैसे तो होने चाहिए न।

HDFC के ATM से पैसे निकालकर संदीप रवाना हो गए अपनी मंजिल की तरफ। ATM की कतार में थोड़ा इंतजार तो करना पड़ा संदीप को। लेकिन आज के खास दिन के लिए संदीप ने जो इंतजार किया है उसके सामने ATM के सामने किया गया इंतजार कम मालूम पड़ रहा है। यही वजह है कि चेहरे पर खुशी बरकरार रही। क्योंकि संदीप के मन में आज सरकार की नोटबंदी से झल्लाहट नहीं बल्कि सजनी से मिलने की खुशी हिलोरे मार रही है।

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