2 लाख से ज्यादा Cash लेनदेन कानूनी जुर्म, आयकर रिटर्न के लिए आधार कार्ड जरुरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नकद लेनदेन की सीमा घटाने का प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव में कैश लेनदेन की सीमा 3 लाख से घटाकर 2 लाख करने का प्रस्ताव है। इसके पास होने के बाद 2 लाख से ज्यादा का नकद लेनदेन कानूनी जुर्म माना जाएगा। ऐसा करने पर पेनल्टी देना होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को फाइनेंस बिल पेश किया। जिसमें कैश ट्रांजैक्शन को लेकर संशोधन प्रस्ताव दिया गया है।




अगर संसद इसे मंजूर करती है तो इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। कालेधन को लेकर केंद्र सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। उसकी तरफ से भी तीन लाख से ज्यादा के नकद लेनदेन पर रोक लगाने की बात कही गई थी।

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अगर इस संशोधन प्रस्ताव को संसद से मंजूरी मिल जाती है तो पेनल्टी की रकम उतनी ही होगी जितना तय लिमिट से ज्यादा नकद लेनदेन किया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर आप 4 लाख रुपये नकद लेनदेन करते हैं तो आपको इसपर 2 लाख रुपये की पेनल्टी देनी होगी। क्योंकि आपने 2 लाख रुपये तय लिमिट से ज्यादा कैश में लेनदेन किया है। ये पेनल्टी कैश लेनेवाले शख्स को देनी होगी।

इसके साथ ही 1 जुलाई से आयकर रिटर्न के लिए आधार कार्ड को जरुरी कर दिया गया है। इसके साथ ही पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड जुरुरी होगा।

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