गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 69 लाख के लिए 60 बच्चों की मौत

लखनऊ:  गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिनमें से पिछले 48 घंटे में 32 नवजात बच्चों की मौत हुई है। बच्चों की इस मौत से सरकार से लेकर शासन-प्रशासन तक सहमा हुआ है। अस्पताल के बाहर सिसकते परिजनों के सामने शासन के हर सूरमा की जुबान खामोश हो गई है। मुंह पर पट्टी बंध गई है क्योंकि किसी के पास कोई जवाब नहीं है।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई करनेवाली पुष्प कंपनी अपने पैसे मांग रहा था। ऑक्सीजन सप्लाई के 60 लाख रुपया बकाया था। कंपनी की तरफ से बार बार पैसे मांगने पर भी जब उसे भुगतान नहीं किया गया तो उसने ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी। दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारी की तरफ से मेडिकल कॉलेज के ऊपरी दर्जे के अधिकारियों को दो बार चिट्ठी लिखी गई थी।

GORAKHPUR

पहली चिट्ठी 3 अगस्त को और दूसरी चिट्ठी 10 अगस्त को। लेकिन किसी के पास इतना वक्त नहीं था कि वो इसपर कोई कार्रवाई करे। आखिरकार वो हुआ जो नहीं होना चाहिए था। अस्पताल में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की मौत हो गई। जिनमें से केवल पिछले 48 घंटों में ही 32 बच्चों की मौत हुई है।

गोरखपुर के मेडिकल अस्पताल में मौत का पर्यटन सजा है। सियासी पर्यटक अस्पताल में बने मासूमों की कब्र पर आंसू बहाने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस के कर्णधारों ने अस्पताल पहुंचकर राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांग लिया। सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी जांच की बात कही। कहा दोषियों पर कार्रवाई होगी। इससे बड़ी बात और क्या होगी। राज्य में योगी की सरकार है। जो न्यायप्रिय है किसी भी कीमत पर जनता के साथ अन्नाय नहीं होने देगी। अब अगर न्याय चाहिए तो कुर्बानी तो देनी होगी। इसलिए कुर्बान कीजिये अपने मासूमों को अपने भविष्य की उम्मीदों को ताकि योगी सरकार आपको न्याय दे सकें।

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