गोरखपुर अस्पताल प्रशासन को पहले से थी ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी

लखनऊ:  गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज प्रशासन की एक और लापरवाही सामने आई है। न्यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से एक चिट्ठी सामने आई है। जिसे अस्पताल प्रशासन को लिखा गया है। उस चिट्ठी में ये जानकारी दी गई है कि बकाया नहीं चुकाने की वजह से अस्पताल को ऑक्सीजन सप्लाई करनेवाली पुष्पा सेल्स कंपनी की तरफ से ऑक्सीजन की सप्लाई बंद करने की बात कही गई है।

इस चिट्ठी में ये भी लिखा गया है कि प्रशासन को 3 अगस्त 2017 को भी अस्पताल में ऑक्सीजन के स्टॉक की कमी की जानकारी दी गई थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसपर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद 10 अगस्त 2017 को दोबारा अस्पताल प्रशासन को चिट्ठी लिखी गई। जिसमें ये कहा गया कि अगर जल्द ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं होगा तो अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।

GORAKHPUR
ANI

 

पुष्पा सेल्स कंपनी की तरफ से जो लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई नेहरू चिकित्सालय में की जाती है। जिसेस बच्चों के वार्ड से लेकर लेबर रूम तक ऑक्सीजन की सप्लाई पाइप द्वारा की जाती है। ऑक्सीजन सप्लाई करनेवाली कंपनी पुष्पा सेल्स कंपनी को अस्पताल की तरफ से ऑक्सीजन की सप्लाई ना रोकने की अपील की गई थी। लेकिन पुराना बकाया नहीं मिलने की वजह से कंपनी की तरफ से ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी गई।

लेकिन इस गंभीर स्थिति की जरा भी परवाह अस्पताल प्रशासन को नहीं थी। इस चिट्ठी के मुताबिक अस्पताल के ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारियों को अस्पातल में ऑक्सीजन की किल्लत होने की जानकारी दी जा चुकी थी लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, विभागाध्यक्ष अनेसथेसिया विभाग और नोडल अधिकारी तक लापरवाह बने रहे। जिसकी कीमत उन 32 परिवारों को चुकानी पड़ी जिनके घर के चिराग ने पिछले 48 घंटों में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

Loading...