विपक्ष ने इस वजह से गोपाल कृष्ण गांधी को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

विपक्ष ने इस वजह से गोपाल कृष्ण गांधी को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

नई दिल्ली:  कांग्रेस को इस बात का एहसास था कि राष्ट्रपति पद पर उम्मीदवार तय करने में जल्दबाजी हुई। इस बात का भी एहसास है कि रणनीति में भी थोड़ी कमीं रह गई। इसलिए उपराष्ट्रपति पद के लिए जब उम्मीदवार तय करने की बारी आई तो पूरी सावधानी बरती गई। शायद इसी वजह से कांग्रेस ने खुद को इस बात के लिए तैयार कर लिया था कि अगर किसी गैर कांग्रेसी उम्मीदवार पर भी रजामंदी देनी पड़े तो पार्टी पीछे नहीं हटेगी।

हलांकि समाजवादी पार्टी पूरी तरह से किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं थी। पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर के नाम पर चर्चा हुई। लेकिन उनकी तरफ से दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। इसके बाद बाबा साहब के पोते प्रकाश अंबेडकर का नाम भी सामने आया। लेकिन यहां दलित का मुद्दा फंस गया। क्योंकि राष्ट्रपति उम्मीदवार दलित है।

सीपीएम की तरफ से सीताराम येचुरी ने गोपाल कृष्ण गांधी का नाम आगे किया। इस नाम पर सभी विपक्षी दलों से बात की गई। जिसमें नीतीश कुमार भी शामिल थे। हलांकि नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति के नाम तय करने के लिए हुई विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। लेकिन विपक्षी दलों में गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर सहमति बन गई।

अब इसपर गोपाल कृष्ण गांधी की राय जानने की बारी थी। फिर सभी दलों की राय के बारे में गोपाल कृष्ण गांधी को जानकारी दी गई। आखिरकार उनकी तरफ से हामी भर दी गई। और इस तरह से विपक्ष ने अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय कर लिया।

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