ट्रंप की नई वीजा नीति की गूगल ने की निंदा, ट्रैवलिंग स्टाफ को वापस बुलाया




नई दिल्ली: 7 मुस्लिम देशों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई वीजा नीति पर विरोध की आवाज भी उठने लगी है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अमेरिका की नई वीजा नीति की निंदा की है। गूगल ने अपने ट्रैवलिंग स्टाफ को वापस बुलाया है। इससे पहले फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग और नोबल पुरस्कार विजेता मलाल युसुफजई ने भी नीति को लेकर ट्रंप के फैसले की निंदा की है।

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है मुस्लिम बाहुल्य देशों के लोगों के आने पर प्रतिबंध का फैसला अमेरिका में आने वाले टैलेंट के लिए बैरियर जैसा है। पिचाई ने अपने स्टाफ को भेजे ईमेल में लिखा 7 मुस्लिम देशों के लोगों के अमेरिका में आने के अस्थाई रोक से गूगल के करीब 187 कर्मचारी प्रभावित होंगे। पिचाई ने कहा यह दुखद है कि इस कार्यकारी आदेश का परिणाम हमारे सहकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने ट्रैवल कर रहे अपने 100 कर्मचारियों को वापस बुला लिया है।

जिन 7 मुस्लिम देशों के लोगों के वीजा पर पाबंदी लगाई गई है उनमें ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल हैं। ट्रंप के इस आदेश पर पेंटागन ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका में विदेशी आतंकियों को घुसने से रोकने के लिए ऐसा किया गया है। मैं कट्टरपंथी इस्लामी आतंकियों को अमेरिका में घुसने से रोकना चाहता हूं। हम केवल उन्हें ही अपने देश में प्रवेश देना चाहते हैं जो हमारे देश का समर्थन करे।

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