गोड्डा: डायबिटीज को भगाने घर से निकले लोग ‘सैर करें रहें निरोग’ का संदेश

गोड्डा/झारखंड:  मंगलवार की सुबह सड़क का नजारा बाकी दिनों से अलग था। गुनगुनी ठंड के बीच सड़कों पर शहर के आम से लेकर खास लोगों तक का जमावड़ा लगा था। इस नई सुबह में महामारी का रुप ले रहे डायबिटीज के खिलाफ लड़ने का संकल्प था, कोशिश एक नई शुरुआत करने की थी, संदेश ये देने की हुई कि इच्छा शक्ति मजबूत करें, सुबह की सैर करें डायबिटीज को परास्त करें। ये तैयारी इसलिए की गई थी क्योंकि हर साल 14 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डायबिटीज दिवस मनाया जाता है।

लायन्स क्लब गोड्डा और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से डायबिटीज के खिलाफ लोगों को जागरूक बनाने के लिए वाकथॉन का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों से शामिल होने की अपील की गई और लोग पूरे जोश के साथ शामिल हुए भी। सरकंडा चौक से हटिया चौक तक तकरीबन 4 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला गया। जिसमें शहर के चिकित्सकों के साथ साथ आम लोगों ने भी शिरकत की।

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. बनदेवी झा, लायन्स क्लब गोड्डा की प्रेसिडेंट और आईएमए की सेक्रेटरी डॉ. प्रभारानी प्रसाद समेत कई डॉक्टर और शहर के आम नागरिक शामिल हुए। इस आयोजन की खास बात ये थी कि इसमें डायबिटीज के शिकार लोगों के अलावे वो भी शामिल हुए जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। क्योंकि खुद को सदा तंदुरूस्त और निरोग बनाए रखने के लिए जरुरी है कि सुबह नियमित रुप से कुछ कदम चला जाए।

इस आयोजन के में हर उम्र और हर वर्ग के लोगों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई। 7 साल के हर्षित से लेकर 60 साल के बुजुर्ग तक की भागीदारी ये बताने के लिए काफी थी कि समाज की तीन पीढ़ी इस बीमारी से लड़ने का संकल्प ले चुकी है। और जिस लापरवाही ने लोगों को बीमार बनाया अब उसे मिटाने की शुरुआत हो चुकी है।

आजकल जिस तरह से लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं उसपर कई तरह के रिसर्च हो चुके हैँ। जिसमें ये बात साबित हो चुकी है कि अनियमित दिनचर्या इसकी एक बड़ी वजह है। साथ ही लोगों का खानपान भी इसके पीछे एक अहम वजह है। रिसर्च में ये बात भी सामने आ चुकी है कि अगर लोग स्वस्थ दिनचर्या को अपनाएं तो डायबिटीज से लड़ा जा सकता है।

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