गोड्डा: बिजली कटौती पर कांग्रेस का प्रदर्शन, भैंस बन गई चीफ गेस्ट

गोड्डा/ झारखंड:  जिले में बिजली कटौती को लेकर आम से लेकर खास तक हर कोई परेशान है। एक तो ऊमस भरी गर्मी उस पर घंटों बिजली कटौती यानि जनता के दम घुटने का पूरा प्रबंध हो चुका है। पसीने से तरबतर लोगों के माथे के ऊपर घूमने वाला पंखा जब थम जाता है तो कुंभकर्णी नींद में सो रही बिजल विभाग के लिए दो बोल निकलते हैं उसके लोग अपने घरों से बाहर निकल जाते हैं। बिजली कटने के बाद घर के भीतर रहना मुश्किल हो जाता है।

जनता की इसी परेशानी ने अब सियासी रंग अपनाया है। कांग्रेस लोगों की इस मांग को लेकर सड़कों पर निकली। बिजली विभाग के दफ्तर में जमकर प्रदर्शन और विभाग की नाकामी के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रही कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने साफ कर दिया अगर सरकार बिजली नहीं देती है तो जनता विभाग के बिल ना चुकाए। इसीलिए इस मुहिम को नाम दिया गया था बिजली नहीं तो बिल नहीं।

इस प्रदर्शन में अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए सरकार के प्रतिनिधि को भी बुलाया गया था। एक जोड़ी भैंस सरकार और बिजली विभाग के प्रतिनिधि के तौर पर वहां मौजूद थी। जो अपने माथे पर बिजली विभाग और भाजपा सरकार का लेबल लगाकर वहां मौजूद थी। इस एक जोड़ी भैंस की मौजूदगी इसलिए भी खास थी क्योंकि प्रदर्शन के बाद जब बिजली विभाग को ज्ञापन सौंपने की बारी आई तो पता चला विभाग के सभी आला अधिकारी गायब हैं। बिजली एडीओ से लेकर ओवरसियर, इंजीनियर तक ठीक उसी तरह से गायब हुए थे जैसे पूरे जिले में शहर से लेकर गांव तक बिजली गायब होती है।

जब सभी बड़े साहब गायब थे तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी को ज्ञापन सौंप दिया गया। ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने साफ तौर पर ताकीद कर दी कि इस ज्ञापन को केवल फाइल की शोभा बढ़ाने वाला कागज ना समझा जाए। इस पन्ने पर जिले की जनता की जरुरत और उनकी परेशानी का जिक्र किया गया है। इसलिए इसपर कार्रवाई होनी चाहिए।

दरअसल लंबे वक्त से विभाग के सामने बिजली कटौती की मांग उठाती जा रही है। लेकिन विभाग की तरफ से केवल आश्वासन ही दिया गया है। शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली कटौती जारी है। जिसकी वजह से फसल की सिंचाई तक नहीं पाती है। इस साल बारिश भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई है। आर्थिक तौर पर हर किसान के लिए ये संभव नहीं है कि वो जेनरेटर की मदद से खेतों की सिंचाई कर सके। इन्हीं सारी परेशानियों से बिजली विभाग को अवगत करवाया गया।

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