जैन संत की नजर में लड़कियों के जींस पहनने से बनते हैं अवैध संबंध

उज्जैन:लड़कियों का जींस पहनना अक्सर बहस का मुद्दा रहा है। कभी इसे लेकर फतवा जारी किया जाता है तो कभी इसे एक सलाह के तौर पर प्रवचन में लड़कियों के जींस पहनने के फायदे नुकसान गिनाए जाते हैं। अब जैन संत ने लड़कियों के जींस पहनने पर अपनी राय दी है।

दिगंबर जैन मुनि निर्भय सागर जी महाराज ने कहा लड़कियां टाइट जींस पहनती हैं तो उनमें वासना की प्रवृति होती है। धर्षण होता है और उत्तेजना बढ़ती है। 16 साल की उम्र में शादी नहीं करने की वजह वो लड़कों की तरफ आकर्षित होती हैं और अवैध संबंध बनाती हैं। इसलिए लड़कियों को अपने कपड़ों का ध्यान रखना चाहिए।

जैन मुनी ने आगे कहा कि लड़कियां जींस पहनती हैं इसलिए उन्हें डिलीवरी में भी दिक्कत आती है। अब ज्यादातर लड़कियों को डिलीवरी सिजेरियन से होती है। उनमें बांझपन की शिकायत भी आ जाती है। उन्होंने बताया कि लड़कियां पहले घाघरा या ढीले कपड़े पहनती थीं। जिससे शरीर खुला रहा था ।

जैन मुनि निर्भय सागर जी महाराज ने कहा लड़कियों को जल्दी शादी कर लेनी चाहिए। अगर शादी देर से होती है तो लड़कियां किसी न किसी लड़के से अटैच हो जाती हैं। फिर उनमें अवैध संबंध बन जाते हैं। जो पाप कहलाता है। लड़कियों की शादी अगर 16 से 18 साल के बीच कर दी जाए तो अवैध संबंधों से बचा जा सकता है।

जैन मुनि केवल लड़कियों के जींस तक ही नहीं रहे। उन्होंने जैन समाज से ज्याजा बच्चे पैदा करने की अपील भी कर डाली। उन्होंने कहा कि हर परिवार को कम से कम तीन बच्चे पैदा करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो 100 सालों में जैन समाज खत्म हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एक जाति विशेष को बच्चे पैदा करने की छूट दे दी है। इससे दूसरा जाति वर्ग समाप्त हो जाएगा ।

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