राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा लहसुन मसाला है या सब्जी?

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा लहसुन मसाला है या सब्जी?

नई दिल्ली:  लहसुन मसाला है या सब्जी?  जाहिर तौर पर ये सवाल आपको भी सोच में डाल गया होगा। दरअसल ये वो सवाल है जिसकी तरफ काफी कम लोगों का ध्यान गया है। लेकिन इसबार ये सवाल राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है। इस सवाल को पूछने के पीछे एक जनहित याचिका है। कोर्ट का सवाल ये है कि सरकार लहसुन को किस श्रेणी में रखती है?

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को सरकार से ये सवाल पूछा है और जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। यानि आनेवाले मंगलवार को राजस्थान सरकार कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर सकती है।

अब ये जान लीजिये की इस सवाल की शुरुआत कैसे हुई। दरअसल राजस्थान में इसबार लहसुन की पैदावार अच्छी हुई है। यही बंपर पैदावार किसानों को असमंजस में डाल गया। अब अगर किसान अपने पैदावार को सब्जी मंडी में बेचता है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन अगर वो अपनी पैदावार को मासा मंडी में बेचता है तो इसपर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा।

सौजन्य- गूगल इमेज

इसी विवाद के निपटारे के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। जिसे हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया और राज्य सरकार से सवाल पूछ लिया कि बाजार में जीएसटी की बिक्री पर जीएसटी लगेगा या नहीं।

विवाद कैसे शुरु हुआ?

2016 में लहसुन की काफी पैदावार हुई। जिसकी बिक्री के लिए सब्जी मंडी में जगह कम पड़ गई। सरकार ने सब्जी मंडी में जगह बड़ी करने के बजाय नियम में ही बदलाव कर दिया और अनाज मंडी में लहसुन बेचने का नियम बना दिया।

यहां पर दिक्कत ये आ रही है कि अगर अनाज मंडी में लहसुन बिकेगा तो उसे मसाला की श्रेणी में रखा जाएगा। और जीएसटी लागू होने के बाद बाकी मसालों की तरह उसपर पांच फीसदी जीएसटी लगेगा। लेकिन अगर वो सब्जी मंडी में बिकेगा तो उसपर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अब याचिकाकर्ता ने पूछा है कि लहसुन को मसाला या सब्जी किस श्रेणी में बेचा जाए?

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