जाट आरक्षण आंदोलन में महिलाओं से हुआ गैंगरेप ?

जाट आरक्षण आंदोलन में महिलाओं से हुआ गैंगरेप ?

मुरथल के पास खेत में कहां से आये टॉ, जीन्स, ब्रा, पैन्टी ?
खेतों मे मिले महिलाओं के कपड़ों की क्या है हकीकत ?

जाट आरक्षण आंदोलन हिंसक हुआ था इसमें कोई शक नहीं है। शक की गुंजाईश इसलिए भी नहीं है क्योंकि रोहतक, सोनीपत, हिसार, हांसी, मुरथल इसके अलावे भी कई जगहों के नाम हैं जहां की बाजारों को देखकर सहसा अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस कदर बेरहमी से बाजारों मे लूट और आगजनी की गई। किस तरह से दहशत और भय का माहौल तैयार किया गया। और उस माहौल में किस तरह से जी रहे थे लोग।

लेकिन एक बात जो अब सामने आई है वो इससे भी भयानक और डरा देने वाली है। हलांकी उसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जिस तरह की चीजें सामने आ रही हैं वो अपने आप मे हजार सवालों को जन्म दे रहा है। दिल्ली से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर है मूरथल। हलांकी भौगोलिक सीमा की बात करें तो ये हरियाणा में आता है। लेकिन दिल्ली से कई लोग इस जगह पर जाते हैं । खासकर कुछ एक ढाबे हैं यहां पर जिसपर काफी भीड़ लगती है खाने के शौकीन लोगों का।

उसी मूरथल के में खेतों में महिलाओं के कपड़े मिले हैं। जिनमें जींस, टॉप, लैगिज, ब्रा, पैंन्टी जैसी चीजें शामिल हैं। जो ये ईशारा करती है कि जाट आंदोलन के दौरान उस जगह पर महिलाओं के साथ आंदोलनकारियों ने कथित रेप किया। दो दिन पहले ही एक अंग्रेजी अखबार में भी इस बारे में खबर छपी थी। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया। और पुलिस औऱ सरकार से जवाब मांगा। हाईकोर्ट इस तरह की बातों के सामने आने के बाद कड़े शब्दों में इसकी निंदा की। साथ ही ये भी कहा कि इससे लोगों का न्याय व्यवस्था में विश्वास कम होगा।

पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कथिस गैंगरेप के मामले में पुलिस की भूमिका पर भी वाल उठाए। हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस इस मामले में पुलिस का रवैया काफी ढीला रहा है। जबकि इस मामले की संजीदगी से पता लगाया जाना चाहिए। राज्य सरकार को भी हाई कोर्ट से इस मामले में फटकार लगाई गई। उधर राज्य सरकार ने इस मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिये हैं। लेकिन ये सबकुछ तब हुआ जब हाईकोर्ट ने इस मामले में अपने तेवर सख्त किये।

पुलिस का कहना है कि कथित रेप के मामले में अबतक किसी भी महिला की तरफ से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन पंजाब हरियणा हाईकोर्ट ने कहा है कि पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। हाई कोर्ट ने ये भी कहा है कि अगर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने में परेशानी हो रही हो तो सीधे सीजेएम के पास भी रिपोर्ट दर्ज करवाई जा सकती है। इतना ही नहीं कोर्ट मे पीड़ित महिलाओं को सीलबंद लिफाफे में भी अपनी शिकायत भेजने की सुविधा दी है।

मुरथल में खेतों से महिलाओ के कपड़े मिलने पर लोग कुछ भी खुलकर नहीं कह रहे। जाट आरक्षण में हिंसा और आगजनी की दहशत उन चेहरों पर आज भी साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। वहां मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि रविवार के दिन आंदोलनकारियों ने वहां से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को रोका। जिसमें तकरीबन 10 महिलाएं थीं। आंदोलनकारियों ने जबरन उन्हें गाड़ी से उतारा औऱ खेतों में ले गए। महिलाओं के साथ मारपीट की बात भी कही जा रही है। कहा ये भी जा रहा है कि तीन-चार महिलाओं ने वहां बने सुखदेव ढाबे में जाकर अपनी जान बचाई।

हलांकी महिलाओं के साथ रेप हुआ या नहीं इसकी कहीं भी पुष्टि नहीं की गई है। कुछ ढाबा मालिकों का कहना है कि वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। ये महज एक अफवाह भर है। हां आंदोलनकारियों से डरकर कुछ महिलाएं उनके पास आई जरुर थीं। जिन्हें उन्होंने अपने यहां पनाह दी। और दो-तीन घंटे वहां रहने के बाद वो चली गई।

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