शहाबुद्दीन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार की याचिका

दिल्ली: आरजेडी के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने तेजाब कांड के पीड़ित चंद्रकेश्वर प्रसाद की तरफ से शाहबुद्दीन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं बिहार सरकार ने भी शहाबुद्दीन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। चंद्रकेश्वर प्रसाद की तरफ से प्रशांत भूषण ने जो याचिका दायर की है उसपर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीनों बेटों की हत्या का आरोप बाहुबली आरजेडी नेता शहाबुद्दीन पर है।

इस याचिका में शहाबुद्दीन को मिली जमानत को खारिज करने की अपील की गई है। शहाबुद्दीन पर आरोप है कि 2004 में चंद्रकेश्वर के दो बेटों सतीश और गिरीश को तेजाब से जलाकर मार डाला गया था। बाद में उनके तीसरे बेटे और इस मामले के चश्मदीद राजीव की भी कोर्ट में गवाही से कुछ दिन पहले 2014 में हत्या कर दी गई। इस मामले में सीवान की कोर्ट ने शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

सीवान में ही पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में शहाबुद्दीन के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। जिसके बाद शहाबुद्दीन को सीवान से भागलपुर जेल सिफ्ट कर दिया गया था। पिछले हफ्ते ही 11 साल बाद शहाबुद्दीन की रिहाई हुई। लेकिन उस रिहाई के बाद से ही राज्य सरकार सवालों में घिरी है। सरकार पर आरोप ये लग रहे हैं कि जान बूझकर कोर्ट में कमजोर पक्ष रखा गया। जिससे की शहाबुद्दीन की रिहाई मुमकिन हो सकी।

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