PM जन औषधी परियोजना के पूर्व डायरेक्टर ने भेजा खुदकुशी का इनविटेशन

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों सुसाइड का एक इनविटेशन वायरल हो रहा है। जिसमें सभी न्यूज चैनलों का ध्यान आकर्षित किया गया है। ये सुसाइड इनविटेशन भेजा गया है प्रधानमंत्री जन औषधी परियोजना के पूर्व डायरेक्टर सुनील शर्मा की तरफ से।




शर्मा का कहना है कि इस योजना की नए सिरे से शुरुआत के साथ उन्हें डायरेक्टर के पद पर तैनात किया गया। इस योजना के तहत मार्च 2017 तक भारत के 630 जिलों में जेनरिक दवाओं की 3000 दुकानें खोली जानी थी। सरकार ने इसके लिए 2.5 करोड़ खर्च कर विज्ञापन देकर दुकान खोलने के लिए आवेदन मंगवाए। सरकार के विज्ञापन पर तकरीबन 30,000 आवेदन आए। लेकिन सरकार के विज्ञापन में दुकान खोलने की शर्तों के बारे में सही तरीके से नहीं बताया गया था। जिसके वजह से 800 दुकानें ही खुल सकी।

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शर्मा का आरोप है कि प्रधानमंत्री जन औषधी परियोजना के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विप्लब चटर्जी इस योजना के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा चटर्जी की तरफ से करोड़ें के विज्ञापन दिये गए लेकिन नतीजा शून्य रहा। जब सुनील शर्मा ने इसपर सवाल उठए तो उन्हें 28 फरवरी 2017 को निलंबित कर दिया गया। शर्मा ने कहा सीईओ को डायरेक्टर को निकालने का अधिकार नहीं है।

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अपने सस्पेंसन से दुखी शर्मा ने अब अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। जिसमें 20 मार्च 2017 को शाम 6 बजे खुदकुशी करने की बात कही गई है।

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