250 पत्थरबाजों में से 2 को मारने वाले जवानों पर FIR, सेना देगी जवानों का साथ

नई दिल्ली:  जम्मू कश्मीर की पुलिस और वहां ही महबूबा सरकार जो किया है उससे देश स्तब्ध है। शनिवार को शोपियां में 10 गढ़वाल राइफल के जवानों को तकरीबन 250 पत्थरबाजों ने घेर लिया था और हर तरफ से उनपर पत्थर बरसाए जा रहे थे। जब कोई और चारा नहीं बचा था को अपनी सुरक्षा के लिए जवानों को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें दो पत्थरबाजों की मौत हो गई। इसपर जम्मू कश्मीर पुलिस  ने सेना के जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

लेकिन सेना ने फैसला किया है कि वो अपने जवानों का साथ देगी। उत्तरी क्षेत्र सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने एक टीवी चैनल पर दिये बयान में कहा कि यह दुखद है लेकिन हम जानते हैं कि जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। उस हालात में हमारे जवानों ने सही फैसला लिया। अन्बु ने कहा इस केस में एफआईआर की कोई जरुरत नहीं थी। जांच के बाद सच सामने आ जाएगा।

अन्बु ने साफ कर दिया कि इस केस में किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी केवल मेजर आदित्य से पूछताछ हो सकती है। उन्होंने कहा कि शोपियां में फायरिंग केवल सेल्फ डिफेंस के लिए किया गया था। समय और परिस्थिति के मुताबिक जवानों ने बिल्कुल सही फैसला लिया था।

दरअसल शोपियां में शनिवार के दिन दो पत्थरबाजों की उस वक्त मौत हो गई थी जब बेकाबू हो रहे पत्थरबाजों पर सेना ने गोलियां चलाई। उस वक्त पत्थरबाज किसी आतंकी से कम नहीं थे। पत्थरबाज की हुई इस मौत के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने 10 गढ़वाल राइफल के सैनिकों को आरोपी बनाया है।

लेकिन सेना ने जिस तरह स पत्थरबाज को जीप से बांधकर घुमाने वाले लीतुल गोगोई का साथ दिया था उसी तरह से 10 गढ़वाल राइफल के जवानों का भी साथ देगी।

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