‘बिटकॉइन’ का चस्का लगा है तो सरकार के इस निर्देश को पढ़ लें, नहीं तो होगा नुकसान

‘बिटकॉइन’ का चस्का लगा है तो सरकार के इस निर्देश को पढ़ लें, नहीं तो होगा नुकसान

नई दिल्ली:  बिटकॉइन इन दिनों काफी चर्चा में है। कई लोगों बारे में ये बात भी सामने आ रही है कि उनकी करोड़ों की पूंजी डूब गई। आरबीआई की तरफ से बिटकॉइन को लेकर फरवरी 2017, दिसंबर 2017 और दिसंबर 2017 में ही आगाह किया जा चुका था। लेकिन इसके बावजूद भी लोगों ने ज्यादा मुनाफा के चक्कर में बिटकॉइन पर दांव लगा दिया।

मनी भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अब वित्त मंत्रालय की तरफ से वर्चुअल करंसी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि बिटकॉइन लीगल टेंडर नहीं है। बिटकॉइन से किसी तरह की एसेट्स का कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए बिटकॉइन में इन्वेस्टमेंट बेहद ही जोखिमभरा है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि कई भी शख्स इसमें अपने जोखिम पर ही निवेश करे।

मंत्रालय की तरफ से कहा गाय है कि भारत समेत पूरी दुनिया में बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करंसी में हाल के दिनों में तेजी आई है। इसकी कोई स्वाभाविक वैल्यू नहीं होती है। इसलिए बिटकॉइन की कीमतों में अटकलों के आधार पर उतार चढ़ाव होता है। मंत्रालय की तरफ से लोगों को सतर्क करते हुए कहा गया है कि बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करंसी में निवेश करना जोखिम भरा है। यह पोंजी स्कीम की तरह है जिसमें लोगों को कई बार बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।

वर्चुअल करंसी को सरकार की तरफ से किसी तरह का समर्थन प्राप्त नहीं है। बिटकॉइन कोई करंसी नहीं है। इसे सिक्के की तरह भी बताया जा रहा है। हलांकि इन सिक्कों की कोई फिजिकल वैल्यू नहीं है। इसलिए वर्चुअल करंसी ना तो करंसी है और ना ही सिक्का। सरकार या रिजर्व बैंक ने किसी भी वर्चुअल करंसी में लेनदेन की अनुमति नहीं दी है।

वित्त मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि  जो करंसी डिजिटल बॉलेट और इलेक्ट्रोनिक फॉर्मेट में रखी जाती है उनके हैक होने का सबसे ज्यादा डर रहता है। इसकी वजह से आपको काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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