जुड़वां बच्चों को गोद में उठाए इस पिता की तस्वीर ने दुनिया को झकझोर दिया है

नई दिल्ली: सीरिया से आई इस तस्वीर ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। तस्वीर में जो दो बच्चे दिख रहे हैं जिनकी उम्र महज 9 महीने थी वो अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। अपने दोनों बच्चों को अपने गोद में उठाए उनका पिता आखिरी बार अपने जिगर के टुकड़े को देख रहा है। सीरिया में पिछले दिनों हुए केमिकल हमले में अबदेल हमीद अलयूसुफ ने अपने दोनों जुड़वां बच्चे और अपनी पत्नी को खो दिया।

ये तस्वीर इन दोनों बच्चों के आखिरी सफर की तस्वीर है। इस दुनिया को इन दोनों जुड़वां बच्चों ने अलविदा कह दिया है। इनका नाम आया और अहमद था। केमिकल हमले ने जिस सीरिया के वातावरण में जहर घोल दिया उस दूषित हवा को ये दोनों बच्चे बर्दाश्त नहीं कर सके और इनके शरीर में चल रही सांसों ने इनकी जिंदगी का साथ छोड़ दिया।

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केमिकल हमले में अबदेल हमीद अलयूसुफ बुरी तरह से हालत बिगड़ने के बाद अपने दोनों जुड़वां बच्चों समेत अपनी पत्नी को अस्पताल ले गए। लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और कुछ ही मिनटों में तीनों की मौत हो गई। अपने बेटे को लेकर जब अबदेल आखिरी सफर पर निकले तो अपने चचेरे भाई से उस आखिरी लम्हे का वीडियो बनने की गुजारिश की।

अब इस तस्वीर को पूरी दुनिया देख रही है। लेकिन किसी के पास भी कुछ कहने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। नफरत के जहर ने जब केमिकल हमले का रुप लिया तो सैंकड़ों जिंदगी का दम घुटने लगा। उनमें से कुछ खुशकिस्मत थे जो हवा में फैले उस जहर से खुद को बचा सके। अबदेल ने भी खुद को उस हमले में बचा लिया। लेकिन अब खुद को सबसे बदनसीब मान रहा है। क्योंकि उसने उस हमले में वो सबकुछ खो दिया जिनके भरोसे वो अपनी किस्मत पर नाज करता था।

अब्देल ने उस हमले में अपने दो भाई, दो भतीजे, एक भतीजी, 9 महीने के अपने जुड़वां बच्चे और अपनी पत्नी को अपनी आंखों के सामने मरते हुए देखा है। सीरिया में हुए उस केमिकल हमले में 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

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