महाराष्ट्र में हाहाकारी महा हड़ताल, सड़क पर बह रहा है दूध, नालियों में सड़ रही है सब्जी

नई दिल्ली:  कर्जमाफी को लेकर महाराष्ट्र के किसान सड़कों पर हैं। दूध, फल और सब्जी जिसे लोगों रसोई में होना चाहिए वो सड़कों पर फेंके जा रहे हैं। किसानों ने कर्जमाफी नहीं होने के विरोध में महा हड़ताल का एलान कर दिया है। जिसकी वजह से शहरों में दूध, फल, सब्जी और कई जरूरी सामान की सप्लाई पर असर दिखने लगा है।

गुरुवार को किसानों में दूध ले जा रहे टैंकर को रोककर उसका दूध सड़क पर बहा दिया। वहां सब्जी औऱ फल ले जा रहे  कई ट्रोकों को रोककर सामान को बाहर फेंक दिया गया। कई ट्रकों को आग के हवाले भी कर दिया गया। दरअसल किसानों की कर्ज माफी पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की मदद से इनकार कर दिया है। जिसके बाद राज्य सरकार ने भी पूर्ण कर्जमाफी में अपनी लाचारी जता दी। सरकार की इस बेबसी के बाद किसान सड़कों पर उतर आए हैं।

महाराष्ट्र के कर्जमाफी के लिए 1.34 लाख करोड़ रुपये की जरुरत है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा इतनी तो सरकार की आमदनी भी नहीं है। दूसरी तरफ किसान पूर्ण कर्जमाफी की मांग पर अड़े हैं। किसान अलग अलग जगहों पर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं भजन गाए जा रहे हैं तो कहीं दूध, फल सब्जियों को सड़कों पर फैलाया जा रहा है। कई जगहों पर किसानों में हिंसक प्रदर्शन भी किया है। किसानों की इस हड़ताल में दूध अत्पादक भी शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक राज्य के तकरीबन 80 फीसदी किसान हड़ताल में शामिल हैं।

किसानों की मांग क्या है?

किसानों की मांग है कि उनका पूर्ण कर्ज माफ किया जाए। स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिश लागू की जाए। कमीशन की सिफारिशों में किसानों को उनकी उपज की लागत से डेढ़ गुना ज्यादा देने और फसल लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य देने जैसी सिफारिश शामिल है। किसान बिना ब्याज खेती के लिए कर्ज चाहते हैं। 60 साल के किसानों के लिए पेंशन स्कीम लागू की जाए और दूध की कीमत 50 रुपये प्रति लीटर मिले।

सरकार क्या चाहती है?

किसानों की इन मांगों के बाद राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार के लिए कई चुनौतियां सामने आ गई है। सबसे बड़ी चुनौती है कर्ज माफी के लिए पैसों का इंतजाम। क्योंकि केंद्र सरकार पहले ही मदद से इनकार कर चुकी है। महाराष्ट्र में कुल 1 करोड़ 36 लाख किसान हैं। इन किसानों का कुल कर्ज 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये हैं। जबकि राज्य सरकार केवल 31 लाख किसानों का 30 हजार 500 करोड़ रुपये कर्ज माफ करने पर विचार कर रही है।

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