फ्लॉप हो गया केजरीवाल का ऑड इवन पार्ट 2 !

फ्लॉप हो गया केजरीवाल का ऑड इवन पार्ट 2 !

  • प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ गया
  • ट्रैफिक में भी कोई खास सुधार नहीं

15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चला ऑड इवन पार्ट 2 अपने मकसद में कामयाब होने में नाकाम हो गया। ताजा सर्वे के मुताबित जो बात सामने आई है उसे देखते हुए ये कहा जा रहा है कि ऑड इवन पार्ट 2 प्रदूषण को कम करने में कामयाब नहीं हो सका। सर्वे के बाद जो रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण तकरीबन 23 फीसदी तक बढ़ गया। ये तो हाल रहा प्रदूषण का।

लेकिन ऑड इवन को शुरु करने का एक और भी मकसद था। वो था ट्रैफिक कम करना। लेकिन उसमें भी ये योजना पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सकी। ऑड इवन की वजह से सड़कों पर कारों की संख्या केवल 1 फीसदी कम हुई। जबकी गाड़ियों की रफ्तार में 2-3 किलोमीटर की बढ़त देखी गई। यानि आसमान से लेकर सड़क तक हर जगह केजरीवाल सरकार की ये योजना अपने मकसद को हासिल करने में कमजोर साबित हुई।

प्रदूषण कम नहीं होने पर दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने ये सवाल उठाया था की ऑड इवन को नाकाम करने के लिए बीजेपी साजिश कर रही है। उन्होंने पूछा था कि अचानक दिल्ली की सड़कों पर बाहर के गाड़ियों की संख्या कैसे बढ़ गई? डंपिंग ग्राउंड में लगी आग को भी एक साजिश बताया जा रहा था। जिसमें कहा जा रहा था कि दिल्ली में ऑड इवन को नाकाम करने के लिए इस तरह के आग की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ताकि दिल्ली सरकार की इस योजना की कामयाबी को नाकामी में बदला जाए।

आरोपों का दौर यहीं नहीं थमा। बीजेपी ने योजना के शुरु होने से पहले ही बता दिया था कि दिल्ली सरकार केवल अपने प्रचार के लिए ऑड इवन का सहारा ले रही है। इसके बहाने सरकार जनता का करोड़ों रुपया अपने प्रचार पर बहा रही है। सरकार विज्ञापन देकर ऑड इवन से प्रदूषण की स्थिति में सुधार के जो दावे कर रही है उसमें जरा भी सत्यता नहीं है। दिल्ली सरकार केवल जनता को गुमराह कर रही है।

प्रदूषण कम न होने की एक वजह ये भी है कि ऑड इवन के दौरान सड़कों पर टैक्सियों की संख्या बढ़ गई। ये भी एक वजह रही प्रदूषण कम न होने की। एक सबसे बड़ी वजह ये भी है कि सरकार ने सड़कों पर ऑड इवन लागू कर प्रदूषण कम करने की कोशिश की । लेकिन दिल्ली में प्रदूषण की एक वजह है कंस्ट्रक्शन साइट पर उड़ने वाले धूलकण। जो दिल्ली की आबोहवा को खराब करने में अपना अहम योगदान देती है। दिल्ली ऐसी जगहों की कमी नहीं है जहां से अगर आप गुजर जाएं तो आपके चेहरी की रंगत ही बदल जाएगी। क्योंकी आपको धूल के गुबार से गुजरना पड़ता है। लेकिन सरकार की तरफ से उसपर रोक लगाने के लिए कोई ठोस नीती नहीं बनाई गई। ऐसे में केवल ऑड इवन के जरिये प्रदूषण कम करने की सोचना खुद में ही अधूरी तैयारी है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जिस ऑड इवन से दिल्ली सरकार दिल्ली की आबो हवा को साफ करना चाहती है उसे कारगर तरीके से कामयाब बनाने के लिए अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है।

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