कौन हैं एनम गंभीर जिन्होंने UN में नवाज को दिया मुंहतोड़ जवाब

दिल्ली: 21 सितंबर को दुनियाभर में उस लम्हे की चर्चा हुई जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में नवाज शरीफ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की जगह आतंकियों के प्रवक्ता बन गए। और बुरहान वानी को कश्मीर का युवा नेता बता दिया। और भारत को उस आतंकी का हत्यारा। भारत पर कीचड़ उछालने के चक्कर में पाकिस्तान ने ये कबूल कर लिया कि वो आतंकियों का मददगार है।

नवाज शरीफ के भाषण के तकरीबन चार घंटे बाद भारत की तरफ से उसे कठोर जवाब दिया गया। भारत की तरफ से नवाज शरीफ को जवाब देनेवाली थी युवा राजनयिक एनम गंभीर। संयुक्त राष्ट्र में भारत की अधिकारी एनम गंभीर की चर्चा हर तरफ इसलिए हो रही क्योंकि जिस मजबूती से उन्होंने भारत का पक्ष रखा और पाकिस्तान के झूठ को कटघरे में खड़ा किया उसके लिए काफी तजुर्बे की जरुरत होती है।

एनम ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें अधिवेशन में भारत के रइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल किया। और पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के एक एक आरोपों का बेबाकी से जवाब दिया। एनम का भाषण तथ्यों पर आधारित था। जिसने सभी का ध्यान उसकी तरफ खींचा।

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एनम में अपने भाषण में कहा था ‘जब आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी की तरह इस्तेमाल किया जाता है तो यह युद्ध अपराध कहलाता है। आतंकवाद को स्पॉन्सर करना पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। इसके नतीजे हमारे आस पड़ोस के इलाकों में आगे भी दिखाई दे रहे हैं। यह कितना विरोधाभाषी है कि जिस देश ने अपने यहां आतंकवाद को जन्म दिया, वह मानवाधिकारों की बात कर रहा है। प्राचीन भारत में तक्षशिला ज्ञान का केंद्र हुआ करता था लेकिन अब वहां आतंकियों की कतार लगी है।‘ एनम में साफ शब्दों में कहा कि जो पाकिस्तान मानवाधिकार की बात कर रहा है उसका रवैया किस हद तक पाखंडी है।

एनम अपने ट्विटर अकाउंट पर खुद को इंडियन डिप्लोमैट और डेलहाइट बताती हैं। एनम ने यूनिवर्सिटी ऑफ जिनेवा से पढ़ाई की है। और इस वक्त न्यूयॉर्क में रहती हैं। एनम 2005 बैच की आईएफएस हैं। संयुक्त राष्ट्र में जिस तरह से एनम गंभीर ने नवाज शरीफ को उसकी औकात दिखाई उसकी चर्चा सोशल मीडिया में खूब हो रही है।

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