ECL हादसा- कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग, ग्राउंड जीरो पर दूसरे दिन भी धरना जारी

गोड्डा/झारखंड:  गोड्डा के ललमटिया में हुए खदान हादसे के बाद से शवों को बाहर निकालने का काम जारी है। चुकी खदान में काम तकरीबन ढाई सौ फीट नीचे चल रहा था इसलिए राहत बचाव कार्य को आगे बढ़ाने में काफी मुश्किल सामने आ रही है। उधर पीड़ितों के लिए इंसाफ की मांग को लेकर ग्राउंड जीरो पर कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी है।

खदान हादसे के बाद सरकार, ईसीएल और वहां काम करनेवाली महालक्ष्मी कंपनी की तरफ से मुआवजे का एलान किया गया है। लेकिन अबतक केवल वो एलान भर है। हादसे वाली जगह पर धरना दे रही कांग्रेस ने ईसीएल पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

newstrendindia से बातचीत में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने बताया कि सरकार और ईसीएल की मिलीभगत की वजह से इस मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि DGMS की तरफ से जिस जांच की शुरुआत की गई है उसपर ना ही उनका और ना ही वहां इस हादसे के पीड़ित परिवारों का भरोसा है। उन्होंने ईसीएल पर आरोप लगाया कि हादसे के बाद वहां काम करनेवाली आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारियों को भागने में मदद की गई।

दीपिका पांडे सिंह ने खदान में काम करनेवाले मजदूरों की हाजिरी रजिस्टर दिखाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर कंपनी कुछ छिपा नहीं रही है तो अबतक ये सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया कि जिस वक्त हादसा हुआ तब खदान में कितने मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने संभावना जताई कि हादसे के वक्त तकरीबन 60 से 65 मजदूर खदान के भीतर थे।

जिस तरह से हादसा हुआ है उसके बाद इस बात की संभावना काफी कम बचती है कि मलबे में दबा कोई मजदूर जिंदा बचा होगा। क्योंकि खदान तकरीबन ढाई सौ फीट तक गहरा था और जब मलबा वहां गिरा तो पूरी गहराई समतल मैदान बन गई। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और माफियाओं की मिलीभगत की वजह से ही ये हादसा हुआ। कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग के साथ साथ दोषियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने की भी मांग कर रही है। दीपिका सिंह का कहना है कि अगर किसी को बचाने की कोशिश नहीं है तो फिर सीबीआई जांच से क्यों करता रही है सरकार।

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