इराक में लापता भारतीय न मरे हैं ना ही जिंदा होने के सबूत हैं-सुषमा स्वराज

नई दिल्ली: इराक में लापता 39 भारतीयों पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज लोकसभा में बयान दिया। सुषमा स्वराज बोलीं उन 39 भारतीयों के मारे जाने के बारे में ना तो कोई ठोस सबूत हैं और ना ही उनके जिंदा होने के सबूत हैं। ऐसे में उन्हें मरा हुआ बता देना घोर पाप होगा। जबतक उनके मारे जाने के ठोस प्रमाण नहीं मिल जाते हैं तबतक उनकी फाइल बंद नहीं होगी। और उन्हें तलाश करने की हमारी कोशिश भी जारी रहेगी।

सुषमा स्वराज ने स्वष्ट किया कि उन 39 भारतीयों के बारे में जो बात पहले कही गई थी या अब कही जा रही है वो सूत्रों के माध्यम से जानकारी पर आधारित है। इस बारे में किसी तरह के सबूत नहीं दिये गए हैं। और जबतक उनके मारे जाने के पक्के सबूत नहीं मिल जाते हैं तबतक उन्हें मरा हुआ कह देना घोर पाप होगा। मैं यह पाप नहीं कर सकती। इस बारे में खाड़ी देश के 6 मंत्रियों से मेरी बात हुई है।

हमें ना तो कोई लाश मिली है, ना कोई सूची और ना कोई विडियो। इसलिए हम उन्हें मरा हुआ नहीं मान सकते। विदेश मंत्री ने कहा अगर किसी पीड़ित परिवार का भरोसा मुझपर से उठ गया हो तो वो चाहें तो उन्हें मरा हुआ मान सकते हैं। 2016 के बाद से लापता लोगों से कोई संपर्क नहीं हुआ है। यह जानकारी परिजनों को जस की तस दे दी गई थी।

सुषमा ने कहा मैंने कभी किसी को गुमराह नहीं किया। मेरी संसद में आस्था है मैं अपना फर्ज निभा रही हूं। उन्होंने कहा मैंने इराक के विदेश मंत्री से कहा है अगली बार जब उन 39 भारतीयों के बारे में कोई भी बात करें तो पूरे सबूत के साथ करें। उन्होंने कहा इसपर इराक के विदेश मंत्री ने भी कहा अगली बार कोई भी जानकारी सबूत के साथ दी जाएगी।

शिरोमणी अकाली दल की तरफ से इन 39 भारतीयों के जिंदा होने या ना होने पर सरकार से जवाब की मांग की थी। SAD की तरफ से ये भी पूछा गया था कि क्या इस मामले में भारतीय खुफिया तंत्र विफल हुआ है जो उन्हें इनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई।

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