अमेरिका के प्रसिडेंट इलेक्ट डॉनल्ड ट्रंप ने क्यों चीन को कहा ‘चोर’




नई दिल्ली: अमेरिका के प्रसिडेंट इलेक्ट डॉनल्ड ट्रंप ने चीन पर अमेरिकी ड्रोन को चुराने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है चीन को जब्त अंडरवाटर ड्रोन को अपने पास रख लेना चाहिए। ट्रंप ने इस बारे में ट्वीट भी किया है जिसमें उन्होंने कहा है ‘हमें चीन को बता देना चाहिए कि हमें वह ड्रोन नहीं चाहिए जिसे चीन ने चुराया है। उसे यह अपने पास ही रख लेना चाहिए।‘

trump-chinaदरअसल पिछले दिनों चीन ने साउथ चाइना सी से अमेरिकी ड्रोन जब्त किया था। इसके बारे में चीन ने कहा है कि कुछ शर्तों के साथ वो इसे अमेरिका को लौटा सकता है। ट्रंप के ट्वीट से पहले पेंटागन की तरफ से जरी बयान में कहा गया था कि अमेरिका ड्रोन की वापसी को लेकर चीन के साथ समझ बनाने के करीब पहुंच गया है। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी बातचीत इस स्तर तक पहुंच गई है कि चीन अमेरिका के ड्रोन को वापस कर देगा।

डॉनल्ड ट्रंप ने इस मामले पर दो ट्वीट किये। अपने पहले ट्वीट में ट्रंप ने चीन पर ड्रोन चोरी का इल्जाम लगाया है। इसमें लिखा है कि ‘चीन ने इंटरनेशनल वाटर्स ने यूएस नेवी के रिसर्च ड्रोन को चुरा लिया है, उन्होंने उसे पानी से निकाला और चीन ले गए। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।‘

चीन ने अमेरिका के जिस ड्रोन को चुराया है उसका इस्तेमाल समुद्र के पानी के खारेपन और तापमान की जांच के लिए किया जा रहा था। इस बारे में चीन ने कहा अमेरिका बेवजह इस मुद्दे को तूल दे रहा है। साथ ही चीन ने कहा वह वाजिब तरीकों के तहत अमेरिका को ड्रोन लौटा देगा।

trump-china-1दरअसल इन दिनों चीन और पाकिस्तान के बीच ताइवान और सउथ चाइना सी के मुद्दे पर डिप्लोमेटिक रिलेशंस बुरे दौर में पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने हाल ही में ताइवान के राष्ट्रपति तसाई इंग वेन से फोन पर बात की थी। लेकिन चीन इससे नराज हो गया। चीन इसे वन चाइना पॉलिसी पर अमेरिका के पहले के रुख में बदलाव के तौर पर देख रहा है। इसे लेकर चीन ने अमेरिका को वन चाइना पॉलिसी में बदलाव न करने की नसीहत भी दी है।

टकराव की वजह ये है कि चीन ये मानता है कि ताइवान उसका हिस्सा है लेकिन किसी कारण से वो अलग हो गया। साथ ही चीन को ये भरोसा है कि ताइवान दोबारा चीन का हिस्सा बन जाएगा। अपने साथ शामिल करने के लिए चीन ने ताइवान को स्वायत्तता का ऑफर भी दिया था। लेकिन चीन के इस प्रस्ताव को ताइवान ठुकरा चुका है। यही वजह है कि अब अमेरिका की तरफ से ताइवान के साथ बातचीत करने पर चीन एतराज कर रहा है।

वहीं साउथ चइना सी पर चीन अपना दावा करता है। लेकिन फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रूनेई साउथ चाइना सी पर चीन की दावेदारी को खारिज करता है। साउथ चाइना सी में तकरीबन 35 लाख स्क्वायर किलोमीटर का विवादित इलाका है। जिसमें तेल और गैस के अपार भंडार मौजूद हैं।

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