डोकलाम: कूटनीतिक हार के बाद चीन ने दे दी जापान को धमकी

नई दिल्ली:  डोकलाम के मुद्दे पर जापान ने भारत का समर्थन किया है। जापान के इस समर्थन ने चीन की नींद उड़ा दी है। चीन की तरफ से धमकी भरे अंदाज में जापान को चेतावनी दी गई है कि बिना तथ्यों को जाने इस मामले पर बयानबाजी ना करे। चीन ने कहा है डोकलाम में भारत जबरन घुसकर वहां की परिस्थिति को बदलना चाहता है। चीन की तरफ से जारी बयान ने कहा गय है कि उसकी जापान को चेतावनी है कि वह पहले डोकलाम के बारे में पूरी जानकारी हासिल करे उसके बाद उसपर कोई टिप्पणी करे।

चीन की ये बौखलाहट बता रही है कि उसने कूटनीतिक मोर्चे पर अपनी हार स्वीकार कर ली है। दरअसल चीन ने इस मामले पर भारत को अलग थलग राष्ट्र बताने की घटिया कूटनीतिक चाल चली थी। उसकी उसकी ये कोशिश खुद ही नाकाम हो गई। क्योंकि जिस बांग्लादेश, श्रीलंका जैसे देशों के बारे में चीन ये कह रहा था कि डोकलाम के मुद्दे पर वो चीन का साथ दे रहे हैं। लेकिन हकीकत इससे काफी दूर है। क्योंकि जिन देशों के बारे में चीन ये दावा कर रहा है कि वो चीन के साथ हैं उनकी तरफ से डोकलाम को लेकर कोई बयान नहीं आया है। ना ही बांग्लादेश और ना ही श्रीलंका ने भारत का विरोध और चीन का समर्थन किया है।

यानि अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन ने जो खोखला कूटनीतिक दांव चला था वो फेल हो गया। वहीं दूसरी तरफ जापान ने खुलकर भारत के पक्ष का समर्थन किया है। जापान ने कहा है डोकलाम में भारत जो भी कर रहा है वो सही है। दोनों देशों को शांतिपूर्ण प्रयास कर इसे सुलझाना चाहिए। कोई भी देश सैनिक शक्ति के दम पर डोकलाम की वास्तविक स्थिति बदलने की कोशिश ना करे।

जापान ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उस बयान की भी तारीफ की है जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन पहले अपनी सेना वापस बुलाए उसके बाद इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। लेकिन की तरफ से इसे खारिज करते हुए कहा गया था कि चीन की सेना एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी ये बातचीत की पहली शर्त होगी। यानि ये चीन के इस रुख से साफ हो जाता है कि वो डोकलाम में जबरन अपनी पैठ बनाना चाहाता है।

Loading...