केंद्र सरकार के NMC बिल के विरोध में देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल

नई दिल्ली:  शुक्रवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में NMC बिल पेश किया था जिसपर आज चर्चा होगी। लेकिन इस बिल का विरोध शुरु हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानि आईएमए ने केंद्र सरकार के NMC बिल के विरोध में देशभर के निजी और सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल का एलान किया है। देशभर के तकरीबन 3 लाख डॉक्टर आज सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक यानि 12 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं चालू  रहेंगी।

सरकार NMC बिल के जरिये एक नई बॉडी बनाना चाहती है। जिसके बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया यानि एमसीआई की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन यानि NMC बनाना चाहती है। इसी बिल के खिलाफ आईएमए ने मंगलवार को काला दिवस मनाने का एलान किया है। इस दौरान मंगलवार को 12 घंटे के लिए नियमित सेवाएं बंद रहेगी। केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।

NMC बिल से क्या बदलाव होगा?

NMC बिल में अल्टरनेटिव मेडिसीन यानि होम्योपैथ, आर्युर्वेद, यूनानी की प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टर के लिए एख ब्रिज कोर्स का प्रपोजल किया गया है। इस ब्रिज कोर्स को पूरा करने के बाद वो भी मॉडर्न मेडिसीन की प्रैक्टिस कर सकेंगे।

NMC बिल का विरोध क्यों हो रहा है?

IMA का कहना है कि इस बिल के पास होने के बाद भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों मनमाना फीस वसूलने की खुली छूट मिल जाएगी। जिससे मेडिकल की पढ़ाई महंगी हो जाएगी।

बिल के प्रावधानों के मुताबिक आर्युर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी यान आयुष डॉक्टर्स को भी मॉडर्न मेडिसन यानि एमबीबीएस डॉक्टर की तरह प्रैक्टिस करने की छूट मिल जाएगी। जबकि मॉडर्न मेडिसीन की प्रैक्टिस करने के लिए कम से कम एमबीबीएस क्वालिफिकेशन होना जरुरी है।

MCA और NMC में क्या फर्क होगा?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन देशभर के मेडिकल प्रोफेशनल्स की रिप्रेजेंटेटिव बॉडी है। देश का कोई भी रजिस्टर्ड डॉक्टर इसका चुनाव लड़ सकता है। और वोट कर सकता है। जबकि सरकार जो NMC ला रही है उसमें चुनाव का विकल्प नहीं है। इसमें सरकार द्वारा चुने गए चेयरमैन और सदस्य रखे जाएंगे। इसके अलावे बोर्ड मेंबर्स को कैबिनेट सेक्रेटरी के अधीन काम करने वाली सर्च कमेटी चुनेगी।

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