GORAKHPUR

गोरखपुर हादसे पर डीएम की रिपोर्ट में ऑक्सीजन सप्लायर पहला दोषी

गोरखपुर हादसे पर डीएम की रिपोर्ट में ऑक्सीजन सप्लायर पहला दोषी

लखनऊ:  गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 10-12 अगस्त के बीच हुए 36 बच्चों की मौत पर डीएम की रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई करनेवाली कंपनी को पहला दोषी माना गया है। डीएम की रिपोर्ट में अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सल्स और ऑक्सीजन यूनिट के इंचार्ज डॉक्टर सतीश को लापरवाही का जिम्मदार ठहराया गया है।

डीएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले के बारे में डॉक्टर सतीश को लिखित तौर पर जानकारी दी गई थी। लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति में रुकावट पैदा की गई। इसलिए वह भी दोषी हैं। अस्पताल का स्टॉक बुक भी अपडेट नहीं किया गया है। स्टॉक बुक को ना तो देखा गया और ना ही उस स्टॉक बुक पर सतीश के हस्ताक्षर हैं ये डॉक्टर सतीश की एक बड़ी लापरवाही है।

डीएम की रिपोर्ट में सप्लायर को भुगतान नहीं करने के पीछे वित्तीय गड़बड़ी की मंशा मानी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई रोकने के लिए जिम्मेदार है। बच्चों की जिंदगी से जुड़ी ऑक्सीजन की सप्लाई कंपनी को बंद नहीं करनी चाहिए थी। लेकिन यहां पर बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर अस्पताल की तरफ से ऑक्सीजन सप्लायर को भुगतान नहीं किया गया तो वो अस्पताल को ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए कहां से लाएगा। आखिर कंपनी को भी ऑक्सीजन के बदले भुगतान करना पड़ता है।

हलांकि इस मामले में सचिव स्तर की एक और रिपोर्ट आनी बाकी है। लेकिन गोरखपुर में हुए बच्चों की मौत पर सरकार और डीएम की रिपोर्ट में कई विरोधाभाषी चीजें भी सामने आई हैं। यानि ये नहीं कहा जा सकता है कि डीएम की रिपोर्ट सामने आने और ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को दोषी ठहरा देने से सच्चाई का पता चल गया।

इस घटना से पूरा पर्दा उठना अभी बाकी है। जिस तरह से 48 घंटे में 36 बच्चों की मौत हुई उसके बाद इतना तो तय है कि लापरवाही कई स्तर पर हुई है। इसलिए इसमें किसी एक को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल इसकी पूरी सच्चाई जानने के लिए इंतजार ही एक विकल्प है। क्योंकि पूरी रिपोर्ट आन के बाद ही सच से पर्दा भी उठने की उम्मीद है।

Loading...

Leave a Reply