सांसदों को राष्ट्रपति की फटकार ‘नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता’




नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद शुरु हुए शीतकालीन सत्र के 17वें दिन भी संसद में कोई कामकाज नहीं हो सका। संसद में जारी इस गतिरोध से राष्ट्रपति भी नाखुश हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष से गतिरोध खत्म करने की अपील की है। राष्ट्रपति ने कहा संसद की कार्यवाही में बाधा किसी सूरत में मंजूर नहीं है।

राष्ट्रपति ने कहा बतौर सांसद डिबेट करना और असहमत होना आपका अधिकार है। लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित करने का आपको कोई अधिकार नहीं है। नोताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता। भगवान के लिए अपना काम कीजिये। आपका काम संसद की कार्यवाही को चालू रखना है।

राष्ट्रपति ने कहा मेरा मकसद किसी शख्स को दोषी ठहराने का नहीं है। लेकिन अब यह (संसद में गतिरोध) प्रैक्टिस बन गया है। संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए संसदीय स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

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