संन्यास के बाद दिलशान ने बयां किया अपना दर्द

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके श्रीलंकाई क्रिकेटर तिलकरत्ने दिलशान ने अपने दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी कप्तानी के दौरान टीम के पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों का समर्थन नहीं मिला। वर्ल्ड कप 2011 के बाद कुमार संगाकारा के कप्तानी छोड़ने के बाद करीब एक साल तक श्रीलंकाई टीम के कप्तान रहे दिलशान ने कहा कि कप्तानी के दौरान उन्हें टीम की कई चुनौतियां झेलनी पड़ी। उऩ्होंने कहा कि टीम के साथियों ने उऩकी मदद नहीं की। उन्हें अचानक कप्तानी से हटा दिया गया जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा।

दिलशान ने कहा कि वो कप्तानी के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन टीम के हालात के कारण बोर्ड अध्यक्ष ने उन्हें छह महीने तक इस पद को संभालने के लिए कहा। दुर्भाग्य से उस समय तक मुथैया मुरलीधरन रिटायर हो चुके थे। नुवान कुलसेखरा और अंजथा मेंडिस चोटिल थे। टीम में बहुत ज्यादा खिलाड़ी नहीं थे। मौजूदा कप्तान एंजेलो मैथ्यूज भी चोटिल हो गए थे और उन्होंने गेंदबाजी करनी बंद कर दी थी। दिलशान ने कहा कि ये उनका दुर्भाग्य था लेकिन जब वो पद से हट गए तो मैथ्यूज ने भी गेंदबाजी शुरू कर दी।

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