48 घंटे से पहले ही सुलझ गया देवघर बैंक डकैती केस, 51 लाख बरामद

देवघर/झारखंड:  देवघर में 5 सितंबर को हुए बैंक डकैती केस को सुलझाने मे पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस लूट कांड के मास्टरमाइंड सुनील दास को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सुनील दास समेत इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूट की रकम भी बरामद कर ली गई है। लुटेरों में बेहद ही पेशेवर तरीके से इस लूटकांड को अंजाम दिया था। लुटेरों के पास से 51 लाख रुपये भी बरामद किये गए हैं। इसके अलावा तीन देसी कट्टा और एक पिस्टल बरामद किया है। लुटेरों के पास से जिंदा कारतूस भी बरामद किये गए हैं।

पुलिस के लिए इस केस को सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी। खास बात ये है कि पुलिस ने इस केस को 36 घंटे में ही सुलझा लिया है। इन लुटेरों के पास से एक बोलेरो गाड़ी और बाइक भी बरामद की गई है। लूट की इस वारदात के बारे में सुनकर हर कोई सन्न था।

अपराधी तकरीबन दो घंटे तक बैंक में लूटपाट करते रहे थे। इस बीच किसी को भी इस बात की जरा भी भनक नहीं लगी। लुटेरे बैंक में सुबह तकरीबन 11 बजे आजाद चौक के पास यूनाइटेड बैंक की शाखा में घुसे थे और दोपहर 1 बजे तक लूटपाट करते रहे। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया था उससे ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि वारदात से पहले काफी गहन रेकी की गई थी। लुटेरों के पास इस बात की पूरी जानकारी थी कि वो किस तरह से बैंक को अपने कब्जे में ले सकते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मिताबिक जिस वक्त लुटेरे बैंक में दाखिल हुए उस वक्त बैंक के भीतर कई ग्राहक भी थे। लुटेरों में पहले बैंक के मैनेजर को अपने कब्जे में किया। उसके बाद वहां मौजूद सभी ग्राहकों के मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सभी बैंक के भीतर मौजूद सभी ग्राहकों को एक कोने में बैठा दिया।

लुटेरे इस बात से वाकिफ थे कि बैंक में लगे सीसीटीवी में वो कैद हो चुके हैं। इसलिए बैंक से बाहर निकलने से पहले उन्होंन बैंक में लगे सभी कंप्यूटर को तोड़ डाला और सीसीटीवी कैमरे और उसके हार्ड डिस्क को भी तोड़ दिया। ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके।

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