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विश्वशक्ति बनने के लिए शक्ति का प्रदर्शन जरुरी है- अजित डोभाल

विश्वशक्ति बनने के लिए शक्ति का प्रदर्शन जरुरी है- अजित डोभाल

दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने एक कार्यक्रम में कुछ महीनों पहले कहा था कि इतिहास उसी के साथ इंसाफ करता है जो शक्तिशाली है। इतिहास उसका साथ नहीं देता है जो न्याय के साथ होता है जो सही होता है। अपनी इस बात को साबित करने लिए उन्होंने राणा सांगा का उदाहरण भी दिया था। अजित डोभाल ने कहा कि दिल्ली में बाबर रोड है लेकिन राणा सांगा रोड नहीं है। जबकि राणा सांगा न्याय प्रिय थे, हमेशा सत्य के साथ थे। जबकि बाबर बाहर से आया था उसने आक्रमण किया जीत गया और इतिहास उसके नाम हो गया। यानि इतिहास ने बाबर के साथ न्याय किया और सड़क का नाम बाबर रोड हो गया।


उन्होंने ये भी बताया कि भारत में सबकुछ होते हुए भी वो युद्ध में क्यों हार जाता था। इसकी वजह ये थी कि हम न्यायसंगत थे, सत्य भी हमारे साथ था लेकिन हमने शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया। कभी किसी की स्वतंत्रता में रुकावट नहीं बने, कभी किसी पर आक्रमण नहीं किये। यही वजह है कि इतिहास ने हमारे साथ न्याय नहीं किया। इतिहास ने हमें उसकी सजा दी।

उन्होंने कहा कि इतिहास ने हमेशा उन्हें सजा दी जिन्होंने विचारों को कर्म से और न्याय को शक्ति से अधिक महत्व दिया। आगे उन्होंने कहा कि इसका मतलब ये नहीं है कि न्याय का महत्व नहीं है। लेकिन अगर न्याय और शक्ति में टकराव की स्थिति बने तो शक्तिशाली बनना ज्यादा आवश्यक है। भारत धर्मगुरु तभी बनेगा जब भारत शक्तिशाली बनेगा।

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