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हिंदू महासभा की भविष्यवाणी ‘नोटबंदी मोदी के अंत की शुरुआत है’

हिंदू महासभा की भविष्यवाणी ‘नोटबंदी मोदी के अंत की शुरुआत है’

नई दिल्ली: अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने हैरान करनेवाली भविष्यवाणी की है। महासभा ने मोदी को हिंदू विरोधी बताते हुए कहा कि नोटबंदी का फैसला लेकर मोदी सरकार ने अपने अंत की शुरुआत कर दी है। महासभा ने कहा नोटबंदी को हिंदुओं की शादी के शुरुआत से ठीक पहले लागू किया गया। और दूसरी तरफ बीजेपी के सदस्य देशभर में इस्लामिक बैंकों को प्रोत्साहन दे रहे थे।

महासभा ने नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक इस योजना का मकसद पता नहीं चल सका है। महासभा की राष्ट्रीय महासचिव पूजा शकुन पांडेय ने कहा नोटबंदी के कारण 200-300 रुपये की दिहाड़ी कमाने वाले गरीब लोगों या फिर सरकारी पेंशन पर आश्रित लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। अमीरों पर इस फैसले का असर पड़ा हो, ऐसा नहीं लगता।

महासभा की तरफ से नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा गया हिंदुओं की शादी का सीजन शुरु होने से ठीक पहले इसे लागू किया गया। जिसकी वजह से लोगों को दोस्तों और रिश्तेदारों से कर्ज लेना पड़ा। कई लोगों को शादी की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी तो कई लोगों को शादी रद्द करनी पड़ी। और दूसरी तरफ बीजेपी के नेता देश में इस्लामिक बैंक को बढ़ावा देने में लगे थे।

दरअसल पांडे का इशारा शोलापुर से बीजेपी के सांसद और महाराष्ट्र कॉर्पोरेशन मंत्री सुभाष देशमुख की तरफ था। देशमुख ने सितंबर में शोलापुर के अंदर भारत के पहले शरीया इस्लामिक बैंकिंग सेवा का उद्घाटन किया था। देशमुख के लोकमंगल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने ब्याज रहित बैंकिंग सेवा की शुरुआत की। इस पैसे को अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले जरुरतमंदों के बीच जीरो फीसदी ब्याज दर पर बांटे जाने की योजना है।

महासभा की तरफ से आरोप लगाया गया है कि मोदी का ‘हिंदुत्व नकाब’ हर कोई देख चुका है। उन्होंने कहा नोटबंदी का असर देश में मोदीबंदी के रुप में दिखेगा।

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