दिल्ली पर बढ़ा बाढ़ का खतरा, यमुना पर बने लोहे के पुल पर आवाजाही बंद

नई दिल्ली:  हरियाणा के हथिनिकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद से ही दिल्ली पर बाढ़ का खरता मंडराने लगा है। लेकिन अब ये काफी गंभीर हो गया है। क्योंकि दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए यमुना के नीचले इलाकों में रहनेवाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को सुबह 6 बजे यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका था। यमुना में खतरे का निशान 204.83 है जबकि जलस्तर 205.62 पर पहुंच चुका है।

देर रात से हो रही बारिश की वजह से भी यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। बारिश के साथ तेज हवा की वजह से कुछ जगहों पर पेड़ गिरने की भी खबर है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष और चौबीसों घंटे काम करनेवाले आपात संचालन केंद्र स्थापित किये हैं। जल स्तर लगातार बढ़ने की वजह से आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से लोगे के पुराने पुल पर यातायात बंद कर दिया गया है।

रविवार को हरियाणा के हथिनिकुंड बैराज से 2 लाख 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार को ही यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर था। लेकिन हथिनिकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर और बढ़ गया है। रुक रुक कर हो रही बारिश और हथिनी कुंड बैराज से आ रहे पानी की वजह से दिल्ली के कई इलाकों के डूबने का खरता बढ़ता जा रहा है।

Loading...