kapil mishra

केजरीवाल के जनता दरबार में कपिल मिश्रा बन गए ‘राम नारायण’ फिर गाया गाना

केजरीवाल के जनता दरबार में कपिल मिश्रा बन गए ‘राम नारायण’ फिर गाया गाना

नई दिल्ली:  दिल्ली के सिविल लाइंस में सीएम अरविंद केजरीवाल ने जनता से मिलने के लिए जनता दरबार सजाया था। यहां जनता फरियादी बनकर आई थी। सीएम के इस दरबार में फरियादियों की इस कतार में एक फरियादी ऐसा भी था जिसके नाम से ही दिल्ली सरकार के कान खड़े हो जाते हैं। इनसे मिलना तो दूर इसकी कही बात भी कानों में चुभन का एहसास करा जाती है। इनका नाम कपिल मिश्रा है। जो कभी केजरीवाल के जिगर का टुकड़ा हुआ करते थे लेकिन मन में बैर ने ऐसा घर जमाया कि जिगर का वो टुकड़ा आप से टूट कर अलग हो गया।

खबर पहले ही मिल चुकी थी कि कपिल मिश्रा भी सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने आ रहे हैं। इसलिए पुलिस की पूरी तैनाती की गई थी। क्योंकि हाल के दिनों के अनुभव से कोई भी इस बात का अंदाजा लगा सकता है कि अगर कपिल मिश्रा और केजरीवाल आमने सामने होंगे तो वहां ड्रामा भी होगा और एक्शन भी होगा। जैसा पिछले दिनों दिल्ली विधानसभा में हुआ था।

केजरीवाल ने कपिल मिश्रा को मुलाकात के लिए अकेले बुलाया। लेकिन कपिल इसके लिए तैयार नहीं थे। कपिल की दलील ये थी कि मैं केजरीवाल नहीं हूं जो अपने साथियों को छोड़कर अकेला चला जाए। इसका एक मतलब ये भी निकाला जा सकता है कि कपिल मिश्रा की दिलचस्पी जनता दरबार में सीएम से मुलाकात से ज्यादा अपनी मौजूदगी का एहसास कराने में थी।

कपिल मिश्रा भीतर नहीं गए और पुलिस ने कपिल और केजरीवाल के बीच जो लक्ष्मण रेखा खींची ती उसी लकीर पर कपिल मिश्रा ढोल मंजीरे के साथ उस कहावत को गाने की शक्ल में पिरोने लगे जो अकसर घर के बुजुर्ग सुबह के वक्त सो रहे नौ निहालों को जगाने के लिए गाते हैं। गाने के बोल थे जाग मुसाफिर अब भोर भई….

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