Arvind kejriwal

दिल्ली में भी जनमत संग्रह कराएंगे CM Arvind Kejriwal ?

दिल्ली में भी जनमत संग्रह कराएंगे CM Arvind Kejriwal ?

ब्रिटेन में 23 जून के जनमत संग्रह और 24 जून के नतीजे ने दिल्ली के CM Arvind Kejriwal को काफी प्रभावित किया है। सीएम ब्रिटेन के जनमत संग्रह से इतने प्रभावित हो गए कि अब उन्होने दिल्ली में जनमत संग्रह कराने की तैयारी कर ली। हलांकी अभी तैयारी शून्य के स्तर पर है। लेकिन चुकी एक केंद्र शासित राज्य के सीएम के मन में ये बात आई है तो इसे अमल में भी लाया जा सकता है। केजरीवाल दिल्ली में जनमत संग्रह कराकर ये पता लगाएंगे की दिल्ली को पूर्ण राज्य होना चाहिए या नहीं। ठीक उसी तरह जैसे कि ब्रिटेन ने जनमत सग्रह कराकर ये तय किया कि उसे यूरोपीय यूनियन के साथ रहना है या अलग हो जाना है।

arvind-tweetedब्रिटेन में तो ये तय हो गया कि उसका भविष्य क्या होगा। वहां की जनता ने अपना फैसला और अपना मुकद्दर तय कर लिया। जिसके मुताबिक अब ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन का हिस्सा नहीं रहेगा। केजरीवाल अब दिल्ली को ब्रिटेन के रास्ते पर ले जाने की तैयारी में हैं। जनमत संग्रह में जनता से पूछा जाएगा कि वो दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाना चाहते हैं या फिर वो केंद्र शासित राज्य में ही रहना चाहते हैं। जनता क्या कहेगी क्या करेगी इस बारे में अभी तो नहीं बताया जा सकता। लेकिन दिल्ली के CM Arvind Kejriwal क्या चाहते हैं इसका पता जरूर चल गया है। वो दिल्ली को पूर्ण राज्य बनना चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना है कि बगैर पूर्ण राज्य बने दिल्ली का विकास नहीं हो सकता, यहां के शासन में सुधार नहीं हो सकता, बगैर पूर्ण राज्य बने दिल्ली के दफ्तरों में इमानदारी नहीं आ सकती।

लेकिन इसके उलट एक सत्य ये भी है कि दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश रहते ही फ्लाइ ओवर का निर्माण किया गया, दिल्ली मेट्रो की शुरुआत की गई, एयरपोर्ट तक लोग आसानी से पहुंच सकें इसके लिए अलग से एयरपोर्ट मेट्रो की शुरुआत की गई, डीटीसी के बेड़े से पुराने कंडम बसों को हटाकर नई लो फ्लोर बसों की शुरुआत की गई, कई रुटों पर डीटीसी की एसी बसें भी चलाई जा रही हैं, दिल्ली की सड़कों से किलर ब्लू लाइन की बसों को हटाया गया, दिल्ली के केंद्र शासित राज्य रहते ही कश्मीरी गेट आईएसबीटी को नए रंग रुप में सजाया गया, केंद्र शासित प्रदेश रहते ही दिल्ली में सीएनजी की शुरुआत हुई। इतना सबकुछ तो केंद्र शासित प्रदेश रहते ही हुआ तो फिर आज ऐसा क्या हो गया कि दिल्ली सरकार कुछ भी करने में लाचारी दिखा रही है। केवल इसलिए क्योंकि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है? विपक्ष भी यही सवाल पूछ रहा है। क्या इस दलील को स्वीकार किया जा सकता है कि विकास की पहली शर्त पूर्ण राज्य का होना है। क्या पूर्व की बीजेपी और शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार ने दिल्ली में तरक्की का ऐसा एक भी अध्याय नहीं लिखा जिसे पढ़कर ये लगे कि केद्र शासित प्रदेश में भी विकास की संभावना होती है।

– Arvind Kejriwal, AAM Admi Party, Sheila Dikshit, Kashmiri Gate ISBT, Delhi Chief Minister

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