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26 जुलाई: करगिल विजय दिवस- वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

26 जुलाई: करगिल विजय दिवस- वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

देशभर में आज मंगलवार को करगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। 26 जुलाई का ये वो दिन है जब करगिल में घुसपैठ कर बैठे पाकिस्तीनी सैनिकों को भारतीय जवानों ने पूरी तरह से खदेड़ दिया था। और वहां एकबार फिर भारतीय तिरंगा फहराया गया था। आज उस लड़ाई में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

दिल्ली के इंडिया गेट पर सुबह रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि की। इंडिया गेट पर थलसेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग, नौ सेना प्रमुख सुनील लांबा और वायु सेना प्रमुख अरुप राहा ने भी करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर शहीद जवानों को नमन किया।

17 साल पहले जिन जवानों ने देश की लाज बचाई थी और पाकिस्तान को उसी के भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया था उन शहीदों के परिजनों से भी रक्षा मंत्री ने मुलाकात की। 1999 में करगिल की लड़ाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ तो दिया लेकिन इसमें 530 जवान शहीद हो गए थे। करगिल की लड़ाई दो महीने से ज्यादा दिनों तक चली थी।

करगिल में जब पाकिस्तान ने मुंह की खाई तो उसने सेफ पैसेज की मांग की। ताकि वो अपने सैनिकों को वहां से निकाल सके। भारत की तरफ से सेफ पैसेज दे दिया गया। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान ने वो हरकत की जिसने शर्म की सारी सीमाओं को लांघ दी। पाकिस्तानी सैनिकों ने लड़ाई में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के शरीर में बम बांध दिये। जिससे कि उनके पार्थिव शरीर को ले जाते वक्त वो और भारतीय सैनिकों को मार सकें। दूसरी तरफ वो भारतीय सैनिक थे जिन्होंने युद्ध में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के शरीर को पूरे सम्मान के साथ उन्हें सौंप दिया। हलांकि पाकिस्तान ने केवल अपने अफसरों के ही शव लिये थे बाकी सैनिकों के शव को उसने ये कहकर लेने से मना कर दिया कि वो पाकिस्तान के हैं ही नहीं। जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने पूरे सम्मान के साथ उन पाकिस्तानी सैनिकों का अंतिम संस्कार किया था।

करगिल की उस लड़ाई में एक बार फिर पाकिस्तान को ये एहसास हुआ था कि आमने सामने की लड़ाई में वो भारत के सामने काफा मामूली है। यही वजह है कि पाकिस्तान की तरफ से हमेशा घुसपैठ के जरिये भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जाती रही है। लेकिन आजतक वो आमने सामने आकर मुकाबला करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

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