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ECL हादसे की जांच के आश्वासन के बाद दीपिका पांडे का अमरण अनशन खत्म

ECL हादसे की जांच के आश्वासन के बाद दीपिका पांडे का अमरण अनशन खत्म




गोड्डा/झारखंड: गोड्डा में ECL के राजमहल परियोजना में हुए हादसे और उसके बाद राहत बचाव कार्य शुरु करने में देरी के खिलाफ कांग्रेस ने महागामा में ग्राउंड जीरो से एक आंदोलन की शुरुआत की। कांग्रेस की तरफ से आरोप ये था कि निर्दोष जान को जमीन में दफन करनेवाले दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

गोड्डा से राजधानी रांची की दूरी ज्यादा नहीं है। लेकिन कांग्रेस को ECL के खदान में घुट चुकी सांसों की सिसकियों झारखंड की रघुवर सरकार तक पहुंचाने के लिए आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी 6 मांगों को लेकर 9 जनवरी से आमरण अनशन की शुरुआत की।

आमरण अनशन के चौथे दिन प्रशासन की तंद्रा भंग हुई और अनशन पर बैठी जिला कांग्रेस अध्यक्ष को ये भरोसा दिया गया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से गौर किया जाएगा और जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। जिसके बाद चौथे दिन दीपिका पांडे ने अपना अनशन खत्म खत्म किया। उनका अनशन वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी रमणी मोहन झा ने तुड़वाया।

कांग्रेस की तरफ से जो 6 मांग रखी गई थी वो इस प्रकार है

  • खदान के मलबे में फंसे मृतकों के शव को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई जाए।
  • मृत मजदूरों की सही संख्या सार्वजनिक की जाए। उस शिफ्ट में काम कर रहे सभी मजदूरों का एटेंडेंस रजिस्टर दिखाया जाए।
  • खदान हादसे की जांच सीबीआई से कराई जाए
  • मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपया मुआवजे के तौर पर अविलंब दिये जाएं एवं उनके परिवारों को नियोजित किया जाए।
  • राजमहल परियोजना में कार्यरत तमाम आउटसोर्सिंग कंपनियों को बाहर किया जाए एवं स्थानीय लोगों को यहां काम दिया जाए।
  • हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनपर हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया जाए।

जिला प्रशासन की तरफ से ये भरोसा दिया गया है कि इस मामले की जांच में तेजी लाई जाएगी। इसे लेकर 17 जनवरी को अनुमंडल पदाधिकारी महागामा एक बैठक भी करेंगे। जिसमें अबतक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी। कांग्रेस की तरफ से जो 6 मांग रखी गई है उसे संबंधित विभागों के पास शीर्घ्र भेजा जाएगा। जांच अधिकारी को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा। इन आश्वासनों के बाद चार दिनों से चल रहा आमरण अनशन खत्म किया गया।

इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय कोयला मंत्रालय की एक टीम भी 15 जनवरी को महागामा आ रही है। बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गोड्डा से सांसद निशिकांत दूबे के साथ हुई बैठक के बाद ये फैसला लिया गया।

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