december-prove-ominous-for-jaya-lalitha

दिसंबर का महीना तमिलनाडु के लिए अशुभ साबित होता है?

दिसंबर का महीना तमिलनाडु के लिए अशुभ साबित होता है?




नई दिल्ली: अगर इतिहास पर नजर डालें तो दिसंबर का महीना तमिलनाडु के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ है। जब भी राज्य को कोई बड़ी क्षति हुई है और लोगों की आंखों में आंसू आए हैं तो वो महीना दिसंबर का ही रहा है। शुरुआत साल 2016 के दिसंबर महीने से ही करते हैं।

लंबी बीमारी के बाद 5 दिसंबर की रात साढ़े ग्यारह बजे तमिलनाडु की सीएम जयललिता का निधन हो गया। इत्तेफाकन जयललिता की मौत भी दिसंबर महीने में ही हुई है। अब जयललिता का नाम उनलोगों के साथ जुड़ चुका है जिनकी मौत दिसंबर के महीने में ही हो चुकी है और जो तमिलनाडु से ही संबंध रखते थे।

जयललिता के राजनीतिक गुरु और AIADMK के संस्थापक एमजीआर की मौत भी दिसंबर के महीने में ही हुई थी। एमजी रामचंद्रन की मौत 24 दिसंबर 1987 को हुई थी। जयललिता और एमजीआर की मौत में एक और भी समानता है। जिस तरह से जयललिता की मौत 74 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने और लंबी बीमारी से जूझने के बाद हुई उसी तरह से एमजीआर भी लंबे वक्त तक बीमार रहे थे।

जयललिता का शव जिस राजाजी हॉल में रखा गया है एमजीआर की मौत के बाद उनके शव को भी इसी राजाजी हॉल में रखा गया था। तब जयललिता उनके बगल में बैठी थीं। आज जब जयललिता के शव को इस राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है तो उनकी करीबी शशिकला उनके बगल में बैठी थीं। जयललिता का अंतिम संस्कार उसी मरीना बीच पर किया जा रहा है जहां एमसीआर का किया गया था। उन्हीं के बगल में जयललिता का भी अंतिम संस्कार हो रहा है।

भारत के आखिरी गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी की मौत 25 दिसंबर 1972 को हुई थी। उनका संबंध भी तमिलनाडु से ही था।

पेरियार ईवी रामास्वामी की मौत 24 दिसंबर 1972 को हुई। दोनों की उम्र 94 साल थी।

2004 में जब तमिलनाडु में सुनामी आई तो वो महीना भी दिसंबर का ही था। 26 दिसंबर को आई सुनामी में सैंकड़ों जिंदगी समुद्र में समा गई थी।
दिसंबर 2015 में हुई भारी बारिश में तमिलनाडु के कई राज्य पानी में डूब गए। भयंकर बारिश की वजह से चेन्नई, कांचीपुरम, कडलोर, तिरुवल्लोर जैसी जगहों के लोग प्रभावित हुए थे।

Loading...

Leave a Reply