अरबों का ब्लैकमनी हुआ व्हाइट, IDS में 65,000 करोड़ के कालेधन का खुलासा

दिल्ली: सरकार की घरेलू आय घोषणा योजना ने मोदी सरकार को मालामाल कर दिया है। वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इनकम डिक्लरेशन स्कीम यानि IDS के तहत पिछले चार महीनों मे 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति की जानकारी दी। 30 सितंबर इस योजना की आखिरी तारीख थी। इस वजह से देर रात तक लोग अपने काले धन को सफेद बनाने के लिए काउंटर पर खड़े रहे।

सरकार के मुताबिक सरकार ने IDS टैक्स चोरी रोकने के लिए लाई गई थी। जो कामयाब रही। इस योजना के तहत लोगों ने अपनी अघोषित आय का खुलासा किया। इस बात का अंदाजा था कि अंतिम दिन काउंटरों पर लोगों की भीड़ जमा होगी। इसलिए सीबीडीटी की तरफ से आधी रात तक काउंटर खोलने के निर्देश दिये गए थे। जिससे कि लोगों को अघोषित आय को घोषित करने में किसी तरह की दिक्कत न हो।

इससे पहले 1997 में एचडी देवेगौड़ा के कार्यकाल में वित्तमंत्री की तरफ से घरेलू आय घोषणा योजना के तहत लोगों से 33 हजार करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का एलान किया गया था। उस वक्त 4 लाख लोगों ने अपनी अघोषित संपत्ति का ब्योरा दिया था। जबकि पिछले साल विदेशों में जमा कालेधन में केवल 4164 करोड़ रुपये की घोषणा हुई थी। जिससे टैक्स के रुप में 2428 करोड़ रुपये मिले थे।

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि इसमें घोषणाकर्ता का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा गया। साथ ही इनसे भविष्य में भी आयकर विभाग की तरफ से कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। इसका एक और फायदा ये है कि घोषणाकर्ता को एक साल के अंदर के बेनामी संपत्ति के ट्रांसफर पर कोई टीडीएस नहीं देना होगा।

सरकार ने 30 सितंबर तक के लिए ये दरियादिली दिखाई थी। जिनलोगों ने अपनी अघोषित आय घोषित कर दी वो तो निश्चिंत हैं। लेकिन अब उनके लिए मुश्किल शरु होगी जिन्होंने अपनी संपत्ति छिपाए रखी। क्योंकि सरकार पहले ही कह चुकी थी कि 30 सितंबर के बाद कालेधन के कुबेरों पर कार्रवाई की जाएगी।
-Arun Jaitley, Income Tax, Income Tax amnesty scheme, News Trend India

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