CRPF का बेहद खास ‘मददगार’ दिल्ली पहुंचा, लगाए गए पोस्टर

नई दिल्ली:  CRPF ने एक बेहद ही खास मुहिम की शुरुआत की है। CRPF के इस मुहिम का नाम है ‘‘मददगार’’। इसमें खास बात ये है कि CRPF का ये ‘‘मददगार’’ उन भटके हुए युवाओं की भी मदद कर रहा है किसी कारण से आतंक का रास्ता अपना चुके हैं और अब बंदूक छोड़कर वापस समाज की मुख्य धारा में लौटना चाहते हैं। जम्मू कश्मीर से शुरु हुई ये मुहिम अब दिल्ली पहुंच चुकी है। दिल्ली में ‘मददगार’ के पोस्टर लगाए जा रहे हैं।

CRPF के आईजी जुल्फिकार हसन के मुताबिक इस हेल्पलाइन से घाटी के वो युवा भी संपर्क कर सकते हैं जिन्होंने गुमराह होकर आतंक का रास्ता अपना लिया। CRPF की ‘मददगार’ हेल्पलाइन का नंबर है 14411 है। ये हेल्पलाइन 24X7 काम करता है, यानि दिन-रात कभी भी इससे संपर्क किया जा सकता है। CRPF के मुताबिक ‘मददगार’ के पोस्टर दिल्ल में खासतौर से उन इलाकों में लगाए गए हैं जहां कश्मीरी लोग रहते हैं। घाटी में इस हेल्पलाइन के प्रचार के लिए काफी कुछ किया गया है।

इसके अलावे ‘मददगार’ की मदद खून की जरुरत, बीमार व्यक्ति के इलाज, आपदा में फंसे होने जैसे परिस्थितियों में भी ली जा सकती है। घाटी में 2016 में इस हेल्पलाइन को शुरु किया गया था। जून 2016 में इसे शुरु किया गया था। जिसके बाद से इसपर 67643 फोन कॉल आ चुके हैं। जिनमें से 1105 ऐसी थीं जिन पर काम किया जा सकता था। CRPF की तरफ से इन फोन कॉल्स पर जरुरी कदम भी उठाए।

19 नवंबर को ‘मददगार’ हेल्पलाइन के जरिये 6 लोगों को O पॉजिटिव ब्लड मुहैया कराया गया। 17 नवंबर को इसी हेल्पलाइन के जरिये खालिद नजर का एम्स में इलाज करवाने के लिए कदम उठाए गए थे।

दरअसल कश्मीर के रहनेवाले फुटबॉल खिलाड़ी माजिद खान लश्कर में शामिल हो गया था। जिसके बाद उसे दोबारा मुख्य धारा में लाने के लिए कोशिश की गई। इस कोशिश ने अपना रंग दिखाया और लश्कर में शामिल होने के 7 दिन बाद ही माजिद खान दोबारा अपने परिवार के पास लौट आया था। सेना और पुलिस की तरफ से भी उसे माफ कर दिया गया।

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