भैंस और जर्सी गाय का दूध पीने से बढ़ता है अपराध-संघ प्रचारक

भैंस और जर्सी गाय का दूध पीने से बढ़ता है अपराध-संघ प्रचारक

नई दिल्ली:  संघ प्रचारक शंकर लाल ने दूध पर अजीब बयान दिया है। उनके बयान के मुताबिक भैंस और जर्सी गाय के दूध का सेवन करने की वजह से अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। इसके पीछे उन्होंने दलील दी है कि इनका दूध तामसिक प्रवृत्ति का होता है। जिसकी वजह से इंसान अपराध की तरफ बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि देसी गाय के घी से दीपक जलाने से ऑक्सीजन की वृद्धि होती है। उन्होंने अपने संबोधन में ये भी बताया कि देसी और जर्सी गाय की पहचान कैसे करें।

उन्होंने कहा कि जर्सी गाय और भैंस के दूध से इंसान में सहनशीलता खत्म होती है। जबकि देसी गाय का दूध सात्विक है और शांति प्रदान करता है तो अपराध में भी कमीं आती है। वरिष्ठ संघ प्रचारक शंकर लाल देशभर में गौ सेवा का काम देखते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि गाय के जरिये हम 8 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। पहला बिंदु अपराध मुक्त भारत, दूसरा बिंदु प्रदुषण मुक्त भारत है।

प्रदुषण मुक्त भारत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देसी गाय के 1 ग्राम घी से दिया जलाने से सौ किलो ऑक्सीजन तैयार होती है। तुलसी के पौधे के आगे घी का दिया जलाने से ओजोन तैयार होती है। शंकर लाल ने कहा कि अगर बीमार व्यक्ति के आगे घी का दिया जलाया जाए तो उसे कभी ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।

उन्होंने कहा हमारी गाय के पेट में चार चेंबर होते हैं और उनकी (जर्सी) गाय के तीन। इसलिए अगर गलती से हमारी गाय विष खा ले तो वह उसके दूध, घी, गोबर और गोमुत्र में नहीं जाता है। वह उसके मांस में जाता है। इसलिए बाइबल, कुरान और दूसरे ग्रंथों में गौ मांस को निषेध किया गया है।

संघ प्रचारक ने बताया कि 31 मार्च को हम गौ जप महायज्ञ करने जा रहे हैं। यह हर ब्लॉक में होगा। इसमें लोगों को संकल्प दिलाया जाएगा। इस दिन लोखों लोग एक मंत्र का उच्चारण करेंगे।

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