कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ’ अभियान, 2019 की तैयारी में दलित को साधने की कोशिश

नई दिल्ली:  जैसे-जैसे 2019 करीब आ रहा है सियासी दलों में बेचैनी बढ़ने लगी है। ये बेचैनी अपने वोटबैंक को भरोसे में लेने और उस भरोसे को बनाए रखने की है। क्योंकि हर सियासी दल को पता है कि 2019 की लड़ई उस पार्टी के खिलाफ है जिसने हिंदुस्तान के आधे से ज्यादा राज्यों में अपनी सरकार बना रखी है। और फिलहाल रेस में काफी आगे है।

बीजेपी से इसी मुकाबले में बाजी मारने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज से संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसमें संविधान और दलितों पर हो रहे हमले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। दरअसल पार्टी की कोशिश इस संविधान बचाओ अभियान के बहाने दलितों को खुद से जोड़ना है।

कांग्रेस की इस दलित फ्रेंडली अभियान की शुरुआत दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से होगी। इस मौके पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सुशील शिंदे भी मौजूद रहेंगे।

तालकटोरा के इस स्टेडियम में देशभर से दलित प्रतिनिधि पहुंचेंगे। जिनमें कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व सांसद, जिला परिषद, पंचायत स्तर के दलित प्रतिनिधि और पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस का यह अभियान अगले साल 14 अप्रैल को होनेवाले बाबा साहेब की जयंती तक जारी रहेगा। यानि कांग्रेस का ये संविधान बचाओ अभियान पूरे एक साल चलेगा।

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