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गोड्डा: जन वेदना सम्मेलन में मोदी सरकार की नोटबंदी पर कांग्रेस हुई आक्रामक

गोड्डा: जन वेदना सम्मेलन में मोदी सरकार की नोटबंदी पर कांग्रेस हुई आक्रामक




गोड्डा/झारखंड: जिला कांग्रेस मुख्यालय में जन वेदना सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें झारखंड की रघुवर दास सरकार से लेकर केंद्र में बैठी मोदी सरकार तक पर कांग्रेस ने तीखा हमला किया। कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार की नोटबंदी को पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दिया। वहीं राज्य की रघुवर सरकार की तरफ से CNT/SPT एक्ट में मनमाना बदलाव पर विरोध जताया। सम्मेलन में होल्डिंग टैक्स में मनमाना वृद्धि के खिलाफ भी कांग्रेस ने प्रस्ताव पास किया।

कांग्रेस के इस जनवेदना सम्मेलन में एक सुर से केंद्र सरकार की नोटबंदी को पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लिया गया फैसला बताया गया। कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि नोटबंदी के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि 50 दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। लेकिन तीन महीने बाद भी हालात जस के तह हैं। लोगों को एटीएम के बाहर आज भी इंतजार करना पड़ रहा है। अगर कभी एटीएम में पैसा मौजूद भी हो तो केवल 2000 के नोट मिलते हैं। जिसकी वजह खरीदारी करने में दिक्कत आ रही है।

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कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार एक मंझे हुए व्यापारी की तरह काम कर रहे हैं। कांग्रेस के वक्त में शुरु हुई योजनाओं को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसके लिए केवल पुरानी योजनाओं का नाम बदला गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को भी इस बात का एहसास है कि नोटबंदी करना एक बड़ी भूल थी। यही वजह है कि यूपी में चुनाव प्रचार में बीजेपी केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान तो कर रही है लेकिन नोटबंदी का जिक्र नहीं कर रही है।

कांग्रेस के इस जन वेदना सम्मेलन में झारखंड सरकार की तरफ से होल्डिंग टैक्स में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी का मुद्दा भी छाया रहा। पार्टी की तरफ से इस बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स को वापस लेने की मांग की गई। हाल ही में होल्डिंग टैक्स के खिलाफ व्यापारियों और आम जनता ने एक दिन का बंद भी किया था। बढ़ाए गए होल्डिंग टैक्स पर राज्य सरकार से पुनर्विचार की मांग की गई।

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किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया गया। किसानों के हितों की बात करते हुए कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को सुविधा देने की बात तो कर रही है लेकिन हकीकत ये है कि आज भी किसानों के पास खेती के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। सरकार की तरफ से वक्त पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। साथ ही कहा गया कि किसानों की फसल खरीदने के लिए क्रय केंद्र का अभाव होने की वजह से उन्हें फसल बेचने में दिक्कत आ रही है। सरकार की तरफ से भुगतान में भी देरी की जाती है। यही वजह है कि किसानों को उनकी खेती का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

jan-vedana-conference-in-godda-1सम्मेलन में ललमटिया में हुए खदान हादसे पर भी विस्तार से चर्चा किया गया। इसमें राज्य सरकार पर आरोप लगाया गया कि हादसे की जांच में ढिलाई बरती जा रही है। कांग्रेस ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी लेकिन उस दिशा में अभी तक कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। गौरतलब है कि ललमटिया में हुए खदान हादसे में 16 मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी। हादसे के विरोध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने आमरण अनशन भी किया था। जिसके बाद इस पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया था। लेकिन महीना बीत जाने के बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

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