कर्नल पुरोहित को 9 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्ली:  मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से अतंरिम जमानत मिल गई है। कर्नल पुरोहित को 9 साल बाद जमानत मिली है। पुरोहित पर धमाके की साजिश रचने का आरोप है। 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हुई थी। इस वक्त पुरोहित नवी मुंबई के तलोजा जेल में बंद हैं।

इसी मामले में 25 अप्रैल को साध्वी प्रज्ञा को जमानत मिली थी।  उसी आधार पर कर्नल पुरोहित की जमानत की अर्जी आगे बढ़ाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि कर्नल पुरोहित जमानत के हकदार हैं। जिसके बाद उन्हें भी जमानत दे दी गई।

पुरोहित पर अभिनव भारत की बैठक में शामलि होने का आरोप है। मालेगांव में अभिनव भारत नाम के संगठन पर ही धमाके का आरोप है। हलांकि कर्नल पुरोहित ने इन आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था वो कभी अभिनव भारत नाम की संस्था की बैठक में धमाके कराने के मकसद से कभी शामिल हुए ही नहीं थे। उन्होंने पहले ही कहा था कि चुकी मैं सेन की इंटेलिजेंस यूनिट में था इसलिए उस बैठक में शामिल हुआ था। उन्होंने कहा था कि बैठक में शामिल होने के बारे में सेना अफसरों को भी जानकारी थी।

हलांकि पहले एनआईए ने पुरोहित के जमानत का विरोध किया था। एनआईए की तरफ से कहा गया था कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उन्हें जमानत देने का असर केस पर पड़ेगा।

हलांकि नीचली अदालत में अभी उनके खिलाफ चार्ज फ्रेन नहीं हो सका है। ये भी एक वजह रही कि 9 साल से मवी मुंबई के तलोजा जेल में बंद कर्नल पुरोहित को जमानत दे दी गई।

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