यूपी में कांग्रेस खेलेगी 10% आरक्षण का कार्ड !

23 जुलाई से मिशन यूपी की शुरुआत कर रही है कांग्रेस। दिल्ली में दस जनपथ से सोनिया गांधी हरी झंडी दिखाकर इसकी रवानगी करेंगी। यूपी चुनाव में कांग्रेस ने भी काफी उम्मीद लगा रखी है। चुनाव के लिए अपनी टीम का एलान करने के बाद अब वोट बैंक की रणनीति तैयार में करने में जुटी है कांग्रेस। सूत्रों के मुताबिक यूपी में कांग्रेस अगड़ी जाती के लिए 10 फीसदी आरक्षण का कार्ड खेल सकती है। इसके मुताबिक अगड़ी जाती में आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का जिक्र घोषणापत्र में कर सकती है।

कांग्रेस के इस आरक्षण दांव पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने निशाना साधते हुए कहा कि ये कांग्रेस की वोटबैंक का राजनीति है। कोई भी अगड़ी जाति कांग्रेस के इस बहकावे में नहीं आएगी। सभी कांग्रेस की रग रग से वाकिफ हैं।

वहीं इस बारे में जब कांग्रेसी नेताओं से पूछा गया तो वो साफ तौर पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। अगर कांग्रेस अगड़ों में आर्थिक रुप से पिछड़ो के लिए 10 फीसदी आरक्षण की वकालत करने का मान बना रही है इसके पीछे वजह भी है।

पहले तो कांग्रेस ने यूपी में सीएम के लिए एक ब्राह्मण चेहरा सामने लाया। अब उस वर्ग को रिझाने में जुटी है। इसकी वजह ये है कि यूपी में ब्राह्मणों की तादाद 10 फीसदी है, राजपूत 6 फीसदी हैं जबकि मुस्लिम तकरीबन 18 फीसदी हैं। यानि कुल मिलाकर इसका योग बैठका है 34 फीसदी। अगर ये 34 फीरदी वोट कांग्रेस की तरफ चला जता है तो ये पार्टी के लिए फायदे की बात होगी।

लेकिन आर्थिक आधार पर 10 आरक्षण देने का एलान करने से पहले कांग्रेस प्रावधानों का अध्ययन कर रही है। क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि कांग्रेस ऐसा एलान न कर दे जिसे पूरा करना संभव ही न हो। हलांकी काफी पहले एक बार कांग्रेसी नेता जनार्दन द्विवेदी ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात कही थी। जिसके बाद उसका चौतरफा विरोध हुआ था। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष को सामने आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा था। इसलिए पार्टी पहले वाली स्थिति अब दोबारा पैदा नहीं होने देना चाहती है ।

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