CM योगी ने अपने मंत्रियों की दी सख्त चेतावनी, योगी के 30 दिन पूरे

लखनऊ:  सीएम योगी आदित्यनाथ का एक सिद्धांत है। जो कह दिया सो कह दिया उसमें कोई बदलाव नहीं होगा केवल अमल होगा। सीएम बनते ही योगी ने अपने मंत्रियों को 15 दिन में संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए कहा था। लेकिन अभी भी कई मंत्री ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। इससे नाराज सीएम ने सभी बाकी बचे मंत्रियों को बुधवार तक संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए कहा है। योगी आदित्यनाथ को सीएम बने एक महीना पूरा हो चुका है।

सूत्रों के मुताबिक अभी केवल 13 मंत्रियों ने ही अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है। मंत्रियों के इस ढीले ढाले रवैये पर सीएम ने नाराजगी जताई है। संपत्ति ब्यौरा देने के लिए डेडलाइन तय करने के साथ ही सीएम ने उन्हें कुछ जरुरी हिदायत भी दी है। जिसमें कहा गया है कि 5 हजार रुपये से ज्यादा के उपहार लेने से बचें। फिजूल में हर जगह दावत में शामिल न हों।

माना जा रहा है मंत्री और विधायक बनने के बाद उनकी संपत्ति में भी बेतहाशा बढ़ोतरी होती है। इस बेतहाशा बढोतरी पर नजर रखने के लिए ही सीएम योगी ने सभी से संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा है। ताकि ये पता लगाया जाए कि मंत्री या विधायक की संपत्ति में कितनी बढ़ोतरी हुई, और संपत्ति में हुई बढ़ोतरी उनकी आय के अनुकूल है या फिर उससे ज्यादा है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में सीएम योगी का ये आदेश काफी कारगर हो सकता है।

सीएम ने मंत्रियों को एक पत्र जारी कर कहा है कि अपने दौरे के दौरान निजी आवास या किसी सर्किट हाउस में ठहरने के साथ किसी भी दिखावे से बचें। इसके साथ साथ मंत्रियों को हर साल 31 मार्च तक संपत्ती का ब्यौरा देने के लिए कहा गया है।

मंगलवार को होनेवाले कैबिनेट की बैठक में सीएजी रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसत्रा सत्र में रखा जाएगा। सीएजी की इस रिपोर्ट में अगल अलग विभागों का ब्यौरा होता है।

Loading...