शहजादे और युवराज क्या जानें स्वच्छता- सीएम योगी

गोरखपुर:  गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हुई बच्चों की मौत के बाद राज्य की योगी सरकार को इस बात का एहसास हुआ कि राज्य में स्वच्छता अभियान में तेजी लानी होगी नहीं तो हालात और खराब हो सकते हैं। इसी सोच साकार करने की शुरुआत उसी गोरखपुर से की गई जहां के बीआरडी अस्पताल बच्चों के लिए यमलोक बन गया था।

सीएम योगी ने स्वच्छ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ उत्तर प्रदेश अभियान की शुरुआत की। नियम और दस्तूर के मुताबिक इस स्वच्छता अभियान की शुरुआत भी गोरखपुर के दलित बस्ती से की गई। जहां सीएम योगी ने हाथ में झाड़ू थामकर सांकेतिक कूड़ा इकट्ठा किया और फिर सफाई कर्मचारी ने उसे कचरे के डिब्बे में डाला। चुकी सीएम खुद झाड़ू लगा रहे थे इसलिए उनके साथ मौजूद मंत्री और अपसरों को भी हाथ में झाड़ू थामना पड़ा।

हलांकी इस तरह के सफाई का एक दूसरा पहलू ये भी है कि अगर हाथ में दस्ताने पहनकर झाड़ू चलाने से अगर सबकुछ स्वच्छ हो जाता तो आज भारत सिंगापुर और दुबई से कम नहीं होता सफाई के मामले में। क्योंकि तीन साल से इसी तरह से झाड़ू चलते आए हैँ। खैर हो सकता है इसबार इसमें गंभीरता भी है। क्योंकि इसकी शुरुआत मौत के वीभत्स रूप को देखने के बाद किया जा रहा है।

इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखपुर में जनता को संबोधित भी किया। जिसमें उनके निशाने पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रहे। योगी ने कहा यूपी वाले शहजादे और दिल्ली वाले युवराज क्या जानें स्वच्छता का महत्व। उन्होंने कहा हम गोरखपुर को पिकनिक स्पॉट नहीं बनन देंगे। सीएम ने कहा गंदगी दूर करने से ही हम बीमारियों से बच सकते हैं।

जिस स्वच्छता अभियान की बात सरकार कर रही है वो अबतक अपना असर नहीं दिखा पाई है। इसके पीछे वजह सरकार नहीं बल्कि जनता है। इस अभियान में जनता की भागीदारी में कमी दिखाई दी। यही वजह है कि कूड़ा आज भी सड़कों पर फेंके जा रहे हैं। हर साल 2 अक्टूबर से पहले जोर शोर से सौकिया तौर पर झाड़ू चलाने की परंपरा निभाई जाती है। लेकिन दो दिनों बाद सबकुछ सामान्य हो जाता है।

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