चीनी सरकारी मीडिया ने भी पीएम मोदी की नोटबंदी की तारीफ की

नई दिल्ली: भारत में 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने के पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले को चीनी मीडिया ने सही ठहराया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पीएम के इस कदम को ‘हैरतअंगेज और बहादुरी भरा कदम’ बताया है। साथ ही चीन के आधिकारिक मीडिया ने इसे भ्रष्टाचार से निपटने में नाकाफी करार दिया है। चीनी सरकारी अखबार ने मोदी को भ्रष्टाचार से निपटने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की तरफ से चलाए गए अभियान से सीख लेने की सलाह दी है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया है कि ‘नरेंद्र मोदी का यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उठाया गया बड़ा कदम है।‘ अखबार में ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी की मुहिम में चीन के सुझाव’ शीर्षक से लिखे गए लेख में कहा गया है ‘मोदी ने सही मंशा से यह फैसला लिया है और यह भारत की वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह सही है। भारत में अबतक ज्यादातर अवैध धंधे कैश में ही होते रहे हैं जिसमें बड़ी करंसी का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। भारत में 500 और 1000 रुपये के नोटों का सर्कुलेशन करीब 80 फीसदी तक है। हलांकि यह नहीं कहा जा सकता कि इस फैसले से भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।‘

अखबार में ‘भारत की नई पॉलिसी को रिस्की, लेकिन निर्णायक और बहादुरी भरा फैसला करार दिया जा रहा है। नोटबंदी के अलावे मोदी सरकार को करप्शन से निपटने के लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। सबसे अहम चीज है, व्यवस्था में सुधार लाना। इस संदर्भ में नई दिल्ली को पेइचिंग से भी कुछ आइडिया लेने चाहिए।‘

दरअसल 2012 में चीन के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद शी चिनफिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाया। जिसके तहत लाखों भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भी भेजा जा चुका है। यही वजह है कि माओ त्से तुंग के बाद शी चिनफिंग एक मजबूत नेता के तौर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

Loading...