भारत से हार के बाद चीन ने बदली अपनी ये नीति

नई दिल्ली: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में भारत से पिछड़ने के बाद चीन ने अपनी नीति में बदलाव किया है। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए चीन ने नियमों में भी ढील दी है। पहले जहां विदेशी निवेशकों के लिए 93 तरह के नियम बनाए गए थे अब उसमें कटौती कर उसकी संख्या 62 कर दी गई है। यही नहीं सरकारी कंपनियों के विरोध के बावजूद चीन बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में एफडीआई के लिए तैयार हो गया है। चीन ने ये बदलाव इसलिए किये हैं क्योंकि वो भारत से पीछे नहीं रहना चाहता।

दरअसल चीन इन कोशिशों से अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से उठाए जा रहे कदमों की काट निकाल रहा है। हाल ही में ट्रंप ने चीन पर गलत तरीके से निवेश परियोजनाएं चलाने और अमेरिकियों की नौकरी हड़पने का आरोप लगाया था।

जानकारों का मानना है कि चीन के खिलाफ ट्रंप का रवैया भारत के लिए एफडीआई को आकर्षित करने में मददगार साबित हो सकता है। लेकिन इतना तय है कि पहले के मुकाबले चीन इस क्षेत्र में भारत के लिए कमजोर चुनौती होगा। चीन के कॉमर्स मिनिस्टर ने भी माना था कि चीन में इसबार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का ग्रोथ 3.8 फीसदी रहा जबकि पिछले साल ये आंकड़ा 6.4 फीसदी था।

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