इस बार आठ दिनों का होगा चैत्र नवरात्रल 18 मार्च कलश स्थापना

नीरज झा/डेस्क
नई दिल्ली:  शक्ति की अधिष्ठात्री देवी  मां दुर्गा की आराधना का महापर्व चैत्र  नवरात्र 18 मार्च से शुरू होगा । इसी दिन घरों व मंदिरों में श्रद्धालु कलश की स्थापना करेंगे। कलश स्थापना के साथ ही भक्त मां की आराधना में लीन हो जाएंगे । नौ दिनों तक उपवास रख कन्या पूजन के बाद नवरात्र महापर्व का समापन होगा। इस बार नवमीं तिथि क्षय होने से नवरात्र आठ दिनों का ही होगा। आचार्यों की माने तो शेरोवाली माता का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिससे वर्षा की संभावना बन रही है। वहीं माता भैंसा पर प्रस्थान करेगी, जो प्रजा रोग एवं शोक कारक होगा। आचार्य ने बताया कि मां दुर्गा की विशेष आराधना का पर्व नवरात्र वर्ष  में दो बार प्रमुखता से मनाया जाता है। पहला चैत्र नवरात्र और दूसरा शारदीय नवरात्र। इसके अलावे गुप्त नवरात्र पर भी श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करते है।
25 मार्च को मनाया जाएगा रामनवमी का पर्व
इस बार महाष्टमी व नवमी व्रत एक दिन होने से 25 मार्च को ही हनुमद ध्वजारोहण यानि रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा। रामनवमी को लेकर  हर जगह विशेष रूप से तैयारी कर रहे हैं भक्त । मालूम हो कि चैत्र शुक्ल पक्ष के नवमी तिथि को ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म हुआ था। इधर रामनवमी को लेकर विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बैठक भी की जा रही है। प्रतिवर्ष नवमी के अवसर पर प्रत्येक राज्य में  लगभग हर शहर के भक्तों द्वारा  विशाल शोभायात्रा भी निकाली जाती है ।
चैती छठ 21 मार्च से नहाय-खाय से होगा शुरू
सूर्य उपासकों के लिए लोक आस्था का महापर्व चैती छठ (सूर्य षष्ठी व्रतारंभ) 21 मार्च को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 22 मार्च को व्रती पवित्र खरना का प्रसाद ग्रहण करेंगी। इसके बाद 23 मार्च को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर और 24 को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य के साथ पारण कर व्रती चार दिनों के अनुष्ठान का समापन करेगी।
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपद होते ही शुरू होगा विक्रम संवत् 2075
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपद होते ही विक्रम संवत् 2075 का आरंभ होगा। आचार्य मधु कांत झा  ने अनुसार  विक्रम संवत् शुरू होते ही बसंत नवरात्र का पर्व शुरू हो जाएगा। इस बार नवमीं तिथि क्षय होने से नवरात्र आठ दिनों का ही होगा। उन्होंने बताया कि माता का आगमन शुभ और प्रस्थान अशुभ है।
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