कश्मीर में पैलेट गन की जगह प्रदर्शनकारियों पर चलेगा PAVA शेल्स !

दिल्ली: कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गने के इस्तेमाल पर विवाद बढ़ने और इस पर रोक लगाने की मांग के बाद अब उसके विकल्प के तौर पर PAVA शेल्स के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। PAVA शेल मिर्ची के गोले हैं। जिससे ज्यादा नुकसान नहीं होता है। हलांकी अभी ये साफ नहीं है कि इसका इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हाल ही में दो दिवसीय श्रीनगर दौरे के बाद प्रेस काफ्रेंस में कहा था कि बहुत जल्द पैलेट गन का विकल्प दिया जाएगा।

घाटी में 49 दिनों से कर्फ्यू जारी है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षाबलों पर अब भी हमले हो रहे हैं। इन सबके बीच प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता था। जिससे लोहे के छर्रे निकलते थे। जो प्रदर्शनकारियों के शरीर में चुभ जाते थे। इससे कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई। जिसके बाद इसके इस्तेमाल पर रोक की मांग उठ रही थी।

अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी मिर्ची के गोलों को धातु के छर्रे के विकल्प के तौर पर देख रही है। हलांकि इसपर आखिरी फैसला लिया जाना बाकी है। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय के कुछ अधिकारियों, बीएसएफ, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईआईटी-दिल्ली और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के 7 सदस्यों वाली कमेटी प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए विकल्प तलाश रही है।

PAVA सेल्स यानी पेलागॉर्निक एसिड वनीलल अमाइड को नॉनिवमाइड के नाम से भी जाना जाता है। यह काली मिर्च में पाया जानेवाला कार्बनिक यौगिक है। इसका स्तेमाल सामने वाले व्यक्ति के शरीर में जलन पैदा कर देता है और वह कुछ न कर पाने की हालत में पहुंच जाता है। इन गोलों से शरीर को ज्यादा हानी नहीं पहुंचती।

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